मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस की समन्वय समिति की बैठक आज मध्यप्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान, विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे सहित कई
.
किसान कांग्रेस की समन्वय समिति की बैठक।
31 में से 10 से 12 अध्यक्ष हटाए जाएंगे
धर्मेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के सामने कहते हुए मुझे शर्मिंदगी महसूस हो रही है कि किसान कांग्रेस के जो 31 जिला अध्यक्ष हमने बनाए थे, उनमें से मात्र 10 जिला अध्यक्ष ऐसे होंगे जो ईमानदारी से अपना काम कर रहे हैं।
आप लोग यह न समझें कि प्रदेश के किसी नेता के बहुत बड़े खास हैं, काम नहीं करेंगे, घर बैठे रहेंगे और जिला अध्यक्ष पद आपका बना रहेगा। निश्चित रूप से 31 में से 10 से 12 अध्यक्ष हटेंगे। अगर आप लोगों को राजनीति नहीं करनी तो मेरा आग्रह है दूसरों का हक मत मारो।”
बैठक में संगठन विस्तार, किसान हितों से जुड़े मुद्दों और आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रदेशभर से आए किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्षों ने अपने-अपने जिलों में किए गए कार्यों का विवरण दिया। उन्होंने किसानों की समस्याओं, फसल नुकसान, समर्थन मूल्य और सिंचाई सहित कई अहम मुद्दों को नेतृत्व के सामने रखा।

धर्मेंद्र चौहान ने जिला अध्यक्षों को संबोधित किया।
पटवारी ने बताई किसान कांग्रेस के अध्यक्ष पद की अहमियत
प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, “कई परिवार के साथियों को लगता है कि जो जिला अध्यक्ष होता है कांग्रेस पार्टी का, वह महत्वपूर्ण होता है। यह बात सही भी है। प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की जो राजनीति है, इसमें किसान कांग्रेस का अध्यक्ष होता है। उसकी भूमिका कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के समतुल्य होती है। मैं जितना भी काम करता हूं, उसमें 40 प्रतिशत फोकस किसान पर होता है। ऐसा पीसीसी अध्यक्ष मैं हूं। इससे आप अंदाजा लगाइए कि लोगों के आसपास कितनी मजबूत राजनीति घूम रही है।” नेताओं ने जिला अध्यक्षों से फीडबैक लेते हुए आने वाले समय में किसान आंदोलनों को और मजबूती देने की बात कही। साथ ही, किसानों तक पार्टी की नीतियों को पहुंचाने के लिए बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में शामिल होते हुए जीतू पटवारी।
कटारे ने गिनाई सरकार की कमियां
उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा, “आज भी विधानसभा में मुआवजे को लेकर मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री बात कर रहे थे, तो उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहां-जहां अतिवृष्टि हुई है, हमने पूरा सर्वे करके मुआवजे की राशि बांट दी। आप बताइए क्या यह बात सत्य है? जब इस प्रकार का झूठा वक्तव्य सदन के अंदर आज दिया गया, तो उसको सुनकर हम सब विधायकों ने मुख्यमंत्री जी से बोला कि आप लोग सदन के अंदर झूठ बोलने से पहले एक बार विचार तो कीजिए। नकली खाद और नकली बीज खुद केंद्रीय मंत्री के गृह जिले में बांटा जा रहा है। मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना साहब, उनके गृह जिले में खाद के लिए गोलियां चलीं। लेकिन इन झूठे लोगों ने गोलियां चलने की उस घटना को आपसी रंजिश का नाम दे दिया। वर्तमान सरकार किसान हितैषी नहीं, किसान विरोधी सरकार है- यह बात हमें एक-एक ब्लॉक, एक-एक पंचायत तक पहुंचानी पड़ेगी।”

हेमंत कटारे ने सरकार की कमियां गिनाई।