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Balaghat News: कमलेश और आशा का जीवन मुश्किलों से भरा रहा है. दंपति जैसे-तैसे जीवनयापन कर रहे थे. कमलेश ने लोकल 18 से कहा कि उन्होंने भी औरों की तरह अपना खुद का घर होने का सपना देखा लेकिन खराब आर्थिक हालात के चलते यह संभव नहीं हो सका.
बालाघाट. किसी ने सच ही कहा है कि प्यार करने के लिए सिर्फ दिल और साफ मन की जरूरत होती है. एक ऐसा ही उदाहरण मध्य प्रदेश के बालाघाट में देखने को मिलता है, जहां पर दो नेत्रहीन एक दूसरे का सहारा बने और दोनों मन की आंखों से दुनिया देख रहे हैं. यह कपल सालों से साथ रह रहा है और एक दूजे का सहारा बना हुआ है. बालाघाट के गौली मोहल्ले के रहने वाले कमलेश सक्सेना और उनकी पत्नी आशा दोनों नेत्रहीन हैं और दोनों ही एक दूसरे का सहारा बने हुए हैं.
कमलेश और आशा दोनों ही जन्म से देख नहीं सकते हैं. कमलेश के माता-पिता नहीं हैं. ऐसे में उनके मौसा ने दोनों का रिश्ता करवाया था. उनकी शादी हुई. शादी के बाद एक-दूसरे के साथ रहने लगे. अब दोनों सालों से एक-दूसरे के साथ हैं और एक दूजे का सहारा बने हुए हैं.
अपने घर का सपना
दंपति का जीवन पहले पीड़ा से भरा रहा. दोनों पति-पत्नी जैसे-तैसे जीवनयापन कर रहे थे. कमलेश ने लोकल 18 को बताया कि उन्होंने भी औरों की तरह अपना खुद का घर होने का सपना देखा था लेकिन प्रतिकूल परिस्थितियों और खराब आर्थिक स्थिति के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था.
भले ही दोनों नेत्रहीन हैं लेकिन वह किसी पर बोझ नहीं बने. न ही भिक्षावृत्ति के चक्कर में पड़े. दोनों मेहनत करते हैं और साथ अपना जीवन बिता रहे हैं. दोनों बालाघाट के गुजरी मार्केट में दुकान-दुकान जाकर चाय बेचने का काम करते हैं. मार्केट के दुकानदार बताते हैं कि दोनों साथ ही चाय बेचते हैं. दोनों घर में चाय बनाते हैं लेकिन मार्केट में चाय बेचते हैं. दोनों आत्मनिर्भर हैं.
कमलेश और आशा को मिला सपने का आशियाना
शासन की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दोनों को आवास मिला है. ऐसे में वे इससे काफी खुश हैं. दोनों अपने रिश्तेदार के यहां रहे, फिर वे 7 सालों से किराये के कमरे में रह रहे थे. अब उन्हें शासन की तरफ से मकान मिला है. ऐसे में वे काफी खुश हैं और शासन का आभार प्रकट कर रहे हैं.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.