82 मैच… 124 विकेट, चंद मैचों में ही डूब गया भारत का ये सितारा, धोनी का रहा है बेहद करीबी

82 मैच… 124 विकेट, चंद मैचों में ही डूब गया भारत का ये सितारा, धोनी का रहा है बेहद करीबी


टीम इंडिया का एक ऐसा टैलेंटेड तेज गेंदबाज रहा है, जिसका इंटरनेशनल क्रिकेट करियर चंद मैचों में ही खत्म हो गया. यह क्रिकेटर पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का बेहद करीबी माना जाता था. भारतीय क्रिकेट टीम में बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों की हमेशा कमी रही है. जहीर खान और आशीष नेहरा ने अपने समय में इस कमी की अच्छी तरह भरपाई की थी. इन दोनों की मौजूदगी में ही भारतीय टीम में बाएं हाथ के एक और तेज गेंदबाज, आरपी सिंह ने मजबूती से भारतीय टीम में जगह बनाई और एक समय अवधि में बड़ी सफलता हासिल की.

चंद मैचों में ही डूब गया भारत का ये सितारा

6 दिसंबर 1985 को रायबरेली (उत्तर प्रदेश) में आरपी सिंह का जन्म हुआ था. आरपी सिंह का पूरा नाम रुद्र प्रताप सिंह है. रुद्र बचपन से ही एक क्रिकेटर बनने का सपना देखते थे. वह बाएं हाथ के बेहद टैलेंटेड गेंदबाज थे. रुद्र की गेंदों में तेजी के साथ स्विंग भी थी, जो बल्लेबाजों को अक्सर परेशान किया करती थी. आरपी सिंह का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर चंद मैचों में ही खत्म हो गया था. आरपी सिंह ने भारत के लिए टेस्ट, वनडे और T20I तीनों फॉर्मेट को मिलाकर कुल 82 मैच खेले और 124 विकेट हासिल किए थे.

Add Zee News as a Preferred Source


धोनी का रहा है बेहद करीबी

आरपी सिंह को घरेलू और अंडर-19 क्रिकेट में बड़ी सफलता मिली. 2004 में बांग्लादेश में हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन शानदार रहा था. इसके बाद उत्तर प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी में भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया. घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन का इनाम उन्हें साल 2005 में मिला, जब उन्हें भारतीय वनडे टीम में शामिल किया गया. डेब्यू के बाद अगले कुछ सालों तक उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एमएस धोनी की कप्तानी वाली भारतीय टीम में मुख्य गेंदबाज के तौर पर उभरे. आरपी सिंह पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के करीबी दोस्त हैं.

भारतीय क्रिकेट में अमर हो जाएगा किंग कोहली का नाम, सचिन भी पूरे करियर में नहीं बना पाए ये महारिकॉर्ड 

टीम से बाहर होना पड़ा

साल 2007 में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका में खेला गया पहला टी20 वर्ल्ड कप जीता था. आरपी सिंह की इसमें अहम भूमिका रही थी. आरपी सिंह 7 मैचों में 12 विकेट लेकर टूर्नामेंट के दूसरे सफल गेंदबाज थे. टी20 वर्ल्ड कप के अगले दो साल तक आरपी सिंह ने भारत के लिए लगातार खेला. साल 2009 के बाद से उनकी फॉर्म और फिटनेस में लगातार गिरावट आने लगी और उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा.

साल 2011 में खेला आखिरी इंटरनेशनल मैच

आरपी सिंह वनडे वर्ल्ड कप 2011 का हिस्सा भी नहीं बन सके. साल 2011 में इंग्लैंड दौरे पर इंजरी की वजह से जहीर खान के टीम से बाहर होने के बाद उन्हें भारतीय टीम में फिर मौका मिला था. इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में आरपी सिंह प्रभावहीन रहे और उसके बाद उन्हें फिर मौका नहीं मिला. साल 2005 से 2011 के बीच आरपी सिंह ने 14 टेस्ट में 40 विकेट, 58 वनडे में 69 विकेट, और 10 टी20 मैचों में 15 विकेट लिए.

2018 में संन्यास ले लिया

आरपी सिंह ने 2018 में संन्यास ले लिया था. आईपीएल के 82 मैचों में उन्होंने 90 विकेट लिए. संन्यास के बाद वह कमेंट्री में सक्रिय रहे. फिलहाल वह भारतीय टीम के चयनकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं. आरपी सिंह एक बड़ी संभावना थे, लेकिन उनका करियर जितनी तेजी से सफलता की ऊंचाई पर गया उतनी ही तेजी से नीचे भी आया.



Source link