राम जन्मभूमि न्यास के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रामविलास वेदांती।
अयोध्या में रामलला मंदिर की धर्मध्वजा स्थापना के बाद अब यह धर्मध्वजा बैतूल आ रही है। राम जन्मभूमि न्यास के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रामविलास वेदांती 19 से 25 दिसंबर तक बैतूल जिला मुख्यालय में रामलला रामकथा सुनाएंगे। यह कथा शिवाजी ऑडिटोरियम, स्टेडियम के पास
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डॉ. रामविलास वेदांती का आगमन 17 दिसंबर की शाम को होगा। उन्हें रेलवे स्टेशन से हाउसिंग बोर्ड गंज स्थित संत निवास तक गाजे-बाजे के साथ ले जाया जाएगा। 18 दिसंबर को दोपहर 1 बजे न्यू बैतूल स्कूल ग्राउंड में रामभक्त एकत्रित होंगे। यहां से हनुमान मंदिर से धर्मध्वजा और कलश यात्रा धूमधाम से निकाली जाएगी।
यह यात्रा थाना चौक, लल्ली चौक, बस स्टैंड, राजा भोज चौक और शिवाजी चौक से होते हुए शिवाजी ओपन ऑडिटोरियम पहुंचेगी। यहां धर्मध्वजा की अस्थायी स्थापना की जाएगी, जिसके बाद सभी कलश और धर्मध्वजा की सामूहिक आरती होगी।
19 से 24 दिसंबर तक रामकथा रामलला रामकथा का आयोजन 19 से 24 दिसंबर तक लगातार छह दिनों तक होगा। परमपूज्य संत रामविलास वेदांती दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक कथा सुनाएंगे। समापन कार्यक्रम 25 दिसंबर को होगा, जिसमें कथा सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगी। इसके बाद हवन और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। शाम को धर्मध्वजा की स्थापना राम मंदिर में की जाएगी।
इस आयोजन के लिए श्री रामलला रामकथा आयोजन समिति का गठन किया गया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल को समिति का संरक्षक बनाया गया है।
समिति के सुनील द्विवेदी ने बताया कि इस संबंध में ओपन ऑडिटोरियम में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाजसेवी प्रशांत गर्ग, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधाकर पवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष हंसराज धुर्वे, वंदना कुंभारे, निमिषा शुक्ला, तूलिका पचौरी, प्रमिला सिमैया, सुशीला बोडखे, जयदीप रूनवाल, पिंकी भाटिया, गिरीश खंडेलवाल, डॉ. ललित सरले, राजेश चौहान, सुधीर उमप, दीप मालवीय, प्रमेश राजपूत, नरेश टंडन, अनिकेत मानव और राहुल सहित कई अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।