बीड़ी उद्योग को बढ़ावा देने की तैयारी में जुटी सरकार: सीएम बोले- युवाओं को उन्हीं ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिलाएं जिसकी इंडस्ट्री में डिमांड – Bhopal News

बीड़ी उद्योग को बढ़ावा देने की तैयारी में जुटी सरकार:  सीएम बोले- युवाओं को उन्हीं ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिलाएं जिसकी इंडस्ट्री में डिमांड – Bhopal News


खजुराहों में विभागों की समीक्षा के दौरान नगरीय विकास और आवास विभाग की समीक्षा करते सीएम मोहन यादव।

दो साल का कार्यकाल पूरा करने जा रही मोहन सरकार अब प्रदेश में बीड़ी उद्योग को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खजुराहो में विभागों की समीक्षा के दौरान मंत्रियों और अफसरों को निर्देश दिए हैं कि युवाओं को उन्हीं ट्रेड्स में प्

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नगरीय विकास और आवास विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नगरीय निकायों की जिम्मेदारी है कि वे अधोसंरचना विकास के हर कार्य को हाई क्वालिटी के साथ पूरा करें। केवल काम की संख्या नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और स्थायित्व से अपनी पहचान बनायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय विकास और ग्रामीण विकास विभाग को आपसी समन्वय से “अर्बन–रूरल क्लस्टर” की अवधारणा पर काम करने के निर्देश दिए।

खजुराहो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।

आगामी तीन साल में शहरों में ये काम होंगे

  • PMAY 2.0 में 6 लाख नए आवास स्वीकृति का लक्ष्य रखा गया है। बड़े नगर निगमों में भूमि उपयोग के लिए विशेष रणनीति लागू होगी।
  • अमृत 2.0 में 2025–27 के दौरान ₹1440 करोड़ की जल परियोजनाएं, 9.99 लाख नल कनेक्शन, 7.90 लाख सीवर कनेक्शन, 420 जल संरचना जीर्णोद्धार, 389 पार्क विकास और स्काडा से जल आपूर्ति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी।
  • पीएम स्वनिधि में 6,71,332 नए ऋण प्रकरण, 289 नए दीनदयाल रसोई केंद्र और 128 आश्रय स्थलों के संचालन-संधारण का प्रावधान होगा।
  • स्वच्छ भारत मिशन 2.0 में 8 बायो-सीएनजी संयंत्र, 36 लाख मीट्रिक टन लीगेसी वेस्ट निपटान, 44 सेनेटरी लैंडफिल, 339 एमआरएफ, कम्पोस्ट यूनिट, 3 सीएंडडी प्लांट और 353 छोटे शहरों में 386 एसटीपी बनाए जाएंगे।
  • मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना योजना के चरण-4 में ₹1586 करोड़ के कार्य पूरे होंगे, चरण-5 में ₹5000 करोड़ से मास्टर प्लान सड़कों का विकास, मार्च 2026 तक 472 ई-बसें संचालन में आएंगी, बस डिपो-चार्जिंग सुविधा विकसित होगी, नमामि गंगे के नए एसटीपी और शहरों में फ्लाईओवर-पार्किंग विस्तार होंगे।
  • संस्थागत सुधारों में एकीकृत नगरपालिका अधिनियम एक वर्ष में अधिसूचित होगा, सभी संवर्गों का पुनर्गठन अप्रैल 2026 तक, धारा 86 में नगरीय राजस्व सेवा गठित होगी, आत्मनिर्भर निकाय प्रोत्साहन हेतु ₹100 करोड़ और एमपीयूडीसी में ईवी, आईटी, एसेट मैनेजमेंट व ग्रीन विभाग स्थापित होंगे।
  • एमपीयूडीसी बिरसिंहपुर में ₹1750 करोड़ लागत वाला 250 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लांट पीपीपी मॉडल से स्थापित करेगा।
  • इंदौर मेट्रो का 6 किमी कॉरिडोर मई 2025 से और भोपाल मेट्रो का 7 किमी कॉरिडोर दिसंबर 2025 से चलेगा; पूरे रूट क्रमशः 2028 तक पूर्ण होंगे।

नगर व ग्राम निवेश विभाग 38 शहरों के GIS मास्टर प्लान तैयार करेगा, महानगर क्षेत्र कानून लागू करेगा, टीडीआर पोर्टल विस्तार, टीओडी नीति लागू होगी और सिंहस्थ 2028 के लिए एकीकृत मास्टर प्लान आधारित विकास होगा।

आदिवासी सांस्कृतिक केंद्र स्थापित होंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा में प्रदेश की समृद्ध जनजातीय विरासत को संरक्षित करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के क्षेत्रों में जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किए जाएं। इसके तहत—मंडला (बैगा), छिंदवाड़ा (भारिया), श्योपुर (सहरिया) और धार (भील) जनजाति के लिए सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाएंगे। अगले तीन वर्षों में हर जनजातीय विकासखण्ड में सांदीपनि विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, माता शबरी कन्या परिसर और बालक आदर्श आवासीय विद्यालय की स्थापना के साथ 88 विकासखण्डों में कला भवन भी बनेंगे।

मांग के अनुसार ट्रेड्स में प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास को सीधे उद्योगों की जरूरत से जोड़ा जाए ताकि युवाओं को अधिक रोजगार मिल सके। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण केवल मांग वाले ट्रेड्स में ही दिया जाए और प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाला मानदेय सीधे बैंक खातों में जाए। समीक्षा में बताया गया कि तीन वर्षों में इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक कॉलेजों में रिक्त पद भरने, नए टेक कार्यक्रम, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलने और 40% कोर्सों को NBA मान्यता दिलाने का लक्ष्य तय है।

बीड़ी श्रमिकों को मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीड़ी श्रमिक परिवारों को बेहतर रोजगार से जोड़ने के लिए वन विभाग से समन्वय कर समाधान निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का तेंदूपत्ता राज्य की संपत्ति है और इससे मिलने वाला रोजगार यहीं के लोगों को मिलना चाहिए।बीड़ी निर्माण से जुड़े हजारों परिवारों को फिर से रोजगार की मुख्य धारा में शामिल करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश खजुराहो में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की समीक्षा बैठक में दिए।



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