जनपद कार्यालय परिसर में इन दुकानों के लिए काटे थे वृक्ष।
कटनी जिले के बड़वारा जनपद कार्यालय परिसर में विकास परियोजनाओं के नाम पर विशाल वृक्षों को काटने और उनके स्थान पर नए पौधे लगाने का वादा पूरा न करने का मामला सामने आया है। जिस दुकान निर्माण कार्य के लिए ये वृक्ष काटे गए थे, वह परियोजना भी दो साल से अधिक
.
जानकारी के अनुसार, जनपद कार्यालय परिसर में वर्ष 2023-24 के दौरान लगभग 14 लाख रुपए से अधिक की लागत से पांच दुकानों का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। इस निर्माण के लिए परिसर में लगे तीन बड़े और घने छायादार वृक्षों को काटा गया था।
स्थानीय समाजसेवियों ने वृक्षों को काटे जाने का कड़ा विरोध किया था। उन्होंने तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के समक्ष एक वृक्ष के बदले 10 जीवित वृक्ष लगाने की मांग रखी थी। विरोध के बाद, तत्कालीन सीईओ ने अन्य स्थानों पर व्यापक वृक्षारोपण करने का आश्वासन दिया था।
हालांकि, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि न तो वादे के अनुसार वृक्षारोपण किया गया और न ही दुकान निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा हो पाया है।
विरोध पर दिया अश्वासन
स्थानीय नागरिक राघवेंद्र सिंह ने बताया, “विकास के नाम पर परिसर में लगे वर्षों पुराने विशाल वृक्षों को काट दिया गया था। हमने विरोध किया और एक पेड़ के बदले 10 पेड़ लगाने की बात कही गई थी, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। न तो नए वृक्ष लगाए गए और न ही दुकानों का निर्माण कार्य पूर्ण हो पाया है।” इस पूरे मामले से सरकारी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
समाजसेवी राजाराम पटेल ने कहा कि यह विरोधाभास स्पष्ट है कि एक तरफ सरकार एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियान चलाकर पौधरोपण को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी कार्यालयों से ही विकास के नाम पर विशाल वृक्षों को हटाया जा रहा है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जिस ‘विकास’ के लिए प्रकृति को नुकसान पहुंचाया गया, वह विकास भी बीते दो वर्षों से अधूरा पड़ा है।
वर्तमान सीईओ ने जारी किया नोटिस
इस संबंध में जब वर्तमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) प्रभा सिंह से बताया कि यह निर्माण कार्य ग्राम पंचायत बड़वारा एजेंसी द्वारा कराया जा रहा था। संबंधित ग्राम पंचायत एजेंसी को नोटिस जारी कर दिया गया है। उनसे जानकारी मांगी गई है कि आखिर किन कारणों से निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। हम जल्द ही काम को पुनः शुरू कराएंगे और कार्य पूर्ण कराएंगे।