दतिया के इंदरगढ़ में कॉलोनी विकास नियमों का पालन किए बिना की जा रही प्लॉटिंग पर कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने सख्त कार्रवाई की है। जिले में पहली बार किसी अवैध कॉलोनी में क्रय-विक्रय, रजिस्ट्री, नामांतरण और निर्माण कार्य पर प्रतिबंध लगाया गया है।
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यह प्लॉटिंग मातादीन पिता शिबू कुशवाहा की ओर से खसरा नंबर 1009/3, क्षेत्रफल 0.939 हेक्टेयर पर की जा रही थी। शिकायत पर मामला कलेक्टर न्यायालय में पहुंचा, जहां सुनवाई में साबित हुआ कि कॉलोनी विकसित करते समय नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021, विशेषकर नियम 22(3) का पालन नहीं किया गया।
अनुमति और लाइसेंस लिए बिना शुरू की गई थी प्लॉटिंग
जानकारी के अनुसार किसी भी कॉलोनी के विकास से पहले टीएनसीपी से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। इसके बाद कलेक्टर लाइसेंस जारी करते हैं। इसी प्रक्रिया में रोड, सीवर लाइन, नाली, लाइटिंग, पार्किंग और एमआईजी-एलआईजी श्रेणी के प्लॉट तय किए जाते हैं। पानी की लाइन और ट्रांसफार्मर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी कॉलोनाइजर की जिम्मेदारी होती है। इंदरगढ़ में विकसित की जा रही कॉलोनी में इन सभी नियमों की अनदेखी की गई थी।
कॉलोनी का अनुज्ञापन निरस्त, सभी प्रकार के लेन-देन पर रोक
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने कॉलोनी का अनुज्ञापन निरस्त कर दिया। आदेश के तहत अब इस भूमि पर किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री, नामांतरण, खरीद-फरोख्त या निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
किसी भी लेन-देन की कानूनी अनुमति नहीं होगी
कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने स्पष्ट किया कि आदेश जारी होने के बाद इस कॉलोनी से जुड़े किसी भी प्रकार के लेन-देन की कानूनी अनुमति नहीं होगी और निर्माण कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।