सागर. मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षा शुरू होने के लिए अब 60 दिन से भी कम का समय बचा है. खासकर दसवीं में पढ़ाई करने वाले बच्चे मैथ्स के एग्जाम को लेकर काफी डरे हुए रहते हैं, लेकिन ऐसे बच्चों के लिए हम एक्सपर्ट के कुछ टिप्स लेकर आए हैं, जिनको फॉलो करके स्टूडेंट चुटकियों में एग्जाम पास कर लेंगे. इन पर जोर ज्यादा दिया तो अच्छे नंबर भी हासिल कर सकते हैं. मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के अनुसार 10वीं की परीक्षाएं 11 फरवरी से 2 मार्च तक आयोजित होंगी
सागर के रिमझिरिया में स्थित सरस्वती मंदिर में पिछले 25 साल से गणित और साइंस पढ़ा रहे टीचर संतोष कुमार प्रजापति से local 18 ने बात की. उन्होंने कहा कि जब छात्र-छात्राओं की बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक आते हैं तो उन्हें तो खुशी होती ही है. साथ ही आगे और अच्छे से पढ़ाई करने का बूस्टर मिलता है. वहीं बच्चों की वजह से माता-पिता और परिवार भी खुश होता है. गर्व से उनका सीना चौड़ा हो जाता है.
मध्य प्रदेश सरकार से मिलता है लैपटॉप
उन्होंने आगे बताया कि अगर 75% से अधिक अंक स्टूडेंट हासिल कर लेते हैं, तो उनके लिए मध्य प्रदेश सरकार की ओर से लैपटॉप दिया जाता है. स्कूल में जो बच्चा टॉप करता है. उसके लिए सरकार स्कूटी देती है इसलिए पढ़ाई के साथ-साथ लैपटॉप या स्कूटी हासिल करना चाहते हैं तो थोड़ी और मेहनत कर ले. ताकि अच्छे अंक हासिल करने के साथ-साथ आपकी लॉटरी भी खुल जाए.
स्टूडेंट के लिए सीक्रेट टिप्स
संतोष कुमार प्रजापति ने बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाली स्टूडेंट को सीक्रेट टिप्स या गुरु मंत्र दिया है. गणित विषय को लेकर बच्चों को घबराना नहीं चाहिए, अगर उसको सही ढंग से पड़े तो बहुत ही सरल है. बच्चों को हर चैप्टर के वेरी शॉर्ट आंसर क्वेश्चन, ऑब्जेक्टिव क्वेशन, ट्रू एंड करेक्ट पेयर्स, वन वर्ड आनसर याद करने चाहिए और हर चैप्टर में जो फार्मूला होता है उनको याद कर लें.
मैथ में इस बात का ध्यान रखना चाहिए इसका जो आधार होता है वह मजबूत होना चाहिए जैसे न्यूमेरिकल अच्छे से आने चाहिए. ट्राएंगल का ध्यान होना चाहिए. रेक्टेंगल की क्या विशेषता है, स्क्वायर क्या होता है इन सब के बारे में अच्छे से जानकारी रखें. अगर स्टूडेंट मैथ्स के एग्जाम में अधिक से अधिक अंक हासिल करना चाहते हैं तो उन्हें हर चैप्टर के फार्मूला याद करने होंगे, क्योंकि जब हमारे लिए प्रश्न आते हैं तो न्यूमेरिकल के आधार पर हल करके हम सीधा टिक लगा सकते हैं. गणित का पेपर 50% तो बहुत सरल आता है, 35% सामान्य क्वेश्चन होते हैं 15% अंकों का कठिन होता है.
तैयारी करते समय इन बातों का रखें ध्यान
तैयारी करते समय हमें बार-बार रिवीजन करते रहना होगा. इससे हमारी जो कमियां होती हैं, वह हमें पता चलती हैं. इसके लिए हम अपने संबंधित विषय की शिक्षक से या आसपास जो ट्विटर होते हैं, उनसे मार्गदर्शन ले सकते हैं या जो हमारे किताब में उदाहरण होते हैं उनसे भी समझने की कोशिश कर सकते हैं.
शाम 7-9 का समय बेस्ट
टीचर संतोष कुमार प्रजापति बताते हैं कि बच्चे अगर गणित को पढ़ना चाहते हैं तो जब वह स्कूल से अपने घर आते हैं. घूम फिर लेते हैं और दिमाग फ्रेश हो जाता है. इसके बाद वह पढ़ाई करनी बैठते हैं तो सबसे पहले मैथ से ही शुरुआत करें और इसके लिए शाम 7 से 9 तक का समय बेस्ट रहता है. इसके अलावा अगर बच्चे सुबह जल्दी उठ जाते हैं तो भी गणित अर्ली मॉर्निंग पड़े जो समय उनके लिए बहुत अच्छा रहता है, जल्दी सब कुछ समझ आता है और जल्दी से याद होता है.