टाइगर स्ट्राइक फोर्स की महिला कर्मचारी इंटरनेशनल महिला बाघ तस्कर को कोर्ट लेकर आई।
मध्यप्रदेश में बाघ और पेंगोलिन के शिकार कर अंगों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी करने वाले नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई हुई है। इसी केस में गिरफ्तार महिला तस्कर यांगचेन लाचुंगपा की पांच दिन की पुलिस रिमांड बुधवार को पूरी हो गई, जिसके बाद उसे नर्मदापुरम जिला कोर्
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कोर्ट ने सुनवाई के बाद उसे एक सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उसकी तरफ से जबलपुर हाईकोर्ट से आए वकील ने जमानत का प्रयास किया, लेकिन अगली सुनवाई 17 दिसंबर तय हुई।
3 सितंबर को सिक्किम से हुई थी गिरफ्तारी यांगचेन को 3 दिसंबर को सिक्किम में भारत–चीन सीमा के पास लाचंग, मंगन इलाके से STSF और WCCB की संयुक्त टीम ने पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद उसे फ्लाइट से भोपाल लाया गया और 5 दिसंबर को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड ली गई थी।
रिमांड में टीम ने गिरोह की सप्लाई चैन, पैसों के ट्रांजैक्शन और मास्टरमाइंड जे तमांग से जुड़े लिंक पर पूछताछ की। अधिकारियों का कहना है कि जांच में कई राज मिले हैं, जिनका खुलासा अभी संभव नहीं। सबूत मजबूत होने के संकेत दिए गए।
पेशी के दौरान महिला का पति भी कोर्ट पहुंचा
पेशी के दौरान यांगचेन का पति और भाई भी कोर्ट परिसर में पहुंचे। आदेश सुनने के बाद आरोपी महिला भावुक दिखी। उसने परिवार के साथ बैठकर खाना खाया। बाद में महिला कर्मियों ने उसे जेल भेजा। उसका पति जेल गेट तक साथ गया।
2015 का है मामला यह मामला वर्ष 2015 में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से शुरू हुआ था, जब बाघों की हड्डियाँ और पेंगोलिन स्केल नेपाल–सिक्किम होकर चीन भेजे जाने का नेटवर्क पकड़ा गया। इस केस में 35 आरोपी नामजद हुए। जे तमांग अब भी फरार है और उस पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी है। यांगचेन पहले भी 2017 में गिरफ्तार हुई थी, लेकिन जमानत पर निकलकर फरार हो गई। इसी केस में ताशी शेरपा को 2024 में पकड़ा गया और 2025 में सजा मिली।
आरोपी महिला ने मुंह पर मास्क और चेहरा कपड़े से ढंक लिया।