बर्खास्त SI रामवीर कुशवाह फिलहाल चांचौड़ा जेल में बंद था।
पुलिस की वर्दी पहनकर संगीन अपराध करने वाले कुख्यात बदमाश रामवीर सिंह कुशवाह उर्फ ‘दाऊ’ को अब चाचौड़ा जेल से हटाकर सेंट्रल जेल रीवा में शिफ्ट किया जाएगा। जेल के अंदर से ही गैंग संचालित करने और गवाहों को धमकाने के पुख्ता इंटेलिजेंस इनपुट मिलने के बाद श
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इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक, चाचौड़ा जेल में बंद रामवीर अपने खिलाफ चल रहे केसों के फरियादियों, गवाहों और वकीलों पर दबाव बना रहा है। इसी के चलते 4 दिसंबर को उसके कुछ गुर्गे ललितपुर (यूपी) के नाराहट गांव पहुंचे थे। वहां उन्होंने ट्रक ड्राइवर माखन कुशवाह के परिजनों पर अपराध में राजीनामा करने का दबाव बनाया।
पुलिस चौकी के सामने जली हालत में मिला था ड्राइवर जून 2015 में तत्कालीन थाना प्रभारी रहे आरोपी रामवीर और उसके साथियों ने अवैध वसूली (एंट्री) के दौरान माखन का ट्रक रोककर पैसे छीने थे और उसे रूठियाई पुलिस चौकी से सटे पेट्रोल पंप पर खड़ा करा दिया था। इसके बाद माखन से और रुपयों की डिमांड करते हुए उसे दो दिन तक चौकी में बंद रखकर मारपीट की गई। 20-21 जून की दरमियानी रात माखन पुलिस चौकी के सामने ही जली हुई अवस्था में मृत मिला था। इस गंभीर अपराध में रामवीर की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।
फ्रॉड के मामले में कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। फाइल फोटो।
1 लाख का था इनाम, 3 साल रहा फरार नौकरी के दौरान वर्दी को दागदार करने वाले रामवीर पर गुना जिले के तीन अलग-अलग थानों में हत्या, अपहरण, हत्या का प्रयास, सबूत मिटाने और धोखाधड़ी समेत 7 संगीन अपराध दर्ज हैं। हाईप्रोफाइल आत्माराम मर्डर केस में वह तीन साल फरार रहा और उस पर एक लाख का इनाम भी घोषित था। हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद जब वह गुना आया, तो उसके गुर्गे जश्न मनाने लगे थे। हालांकि, दूसरे मामलों में वांछित होने के कारण पुलिस ने उसे घर से गिरफ्तार कर लिया था।

बर्खास्त SI के गुर्गे पेशी के दौरान उसके आगे पीछे चलते थे।
करोड़ों की बेनामी संपत्ति का मालिक सीआईडी जांच में खुलासा हुआ था कि शानो-शौकत की लाइफस्टाइल जीने वाले, महंगे कुत्ते पालने वाले और प्राइवेट गार्ड्स रखने वाले रामवीर के नाम पर दस्तावेजों में कोई खास संपत्ति नहीं है। उसने सोनी कॉलोनी गुना और रन्नौद (शिवपुरी) में करोड़ों के मकान, खेत और गाड़ियां अपने परिजनों व विश्वसनीय लोगों के बेनामी नाम पर खरीद रखी हैं।
एसपी बोले- साक्ष्य प्रभावित न कर सके, इसलिए फैसला एसपी अंकित सोनी ने बताया कि “रामवीर कुशवाह यहीं पर रहा है। हमारी विवेचना प्रभावित न हो। साक्ष्य प्रभावित न कर सके, इसलिए जेल मुख्यालय भोपाल ने निर्णय लिया कि इसे रीवा जेल शिफ्ट किया जाए।” पुलिस ने रामवीर के गुर्गों और उसे संरक्षण देने वालों की लिस्ट भी तैयार कर ली है, जिन पर नजर रखी जा रही है।