MP अजाक्स अध्यक्ष पद पर बवाल! मुकेश मौर्य ने दिया 7 दिन का अल्टीमेटम, IAS संतोष वर्मा की मुश्किलें बढ़ीं

MP अजाक्स अध्यक्ष पद पर बवाल! मुकेश मौर्य ने दिया 7 दिन का अल्टीमेटम, IAS संतोष वर्मा की मुश्किलें बढ़ीं


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MP AJJAKS News: मध्य प्रदेश अजाक्स में प्रांतीय अध्यक्ष पद पर मुकेश मौर्य और आईएएस संतोष वर्मा के बीच विवाद गहराता जा रहा है. मुकेश ने संतोष के बयान की निंदा की और पूर्व अध्यक्षों को 65 लाख लौटाने व संपत्ति सौंपने का 7-दिन का अल्टीमेटम दिया. जानें पूरा मामला…

मुकेश मौर्य

रिपोर्ट: सुशील कौशिक

Gwalior News: मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी और कर्मचारी संघ (MP AJAKS) के प्रांतीय अध्यक्ष पद को लेकर बवाल मचा है. ग्वालियर के मुकेश मौर्य खुद को विधि अनुसार प्रांतीय अध्यक्ष बताते हुए IAS संतोष वर्मा को फर्जी अध्यक्ष करार दे रहे हैं. मुकेश मौर्य का आरोप है कि संतोष वर्मा ने बेटियों के लिए दिए गए विवादास्पद बयान से अजाक्स की छवि धूमिल हुई है. प्रदेश में सामाजिक माहौल बिगाड़ने का काम किया है.

मुकेश ने कहा, “संतोष वर्मा का बयान न केवल निंदनीय है, बल्कि वे इसे दोहरा रहे हैं, जो संगठन के लिए घातक है.” इस विवाद के बीच मुकेश मौर्य ने अजाक्स के पूर्व प्रांतीय अध्यक्षों जेएन कंसोटिया और एसएल सूर्यवंशी को पत्र लिखकर कड़ा अल्टीमेटम दिया है. पत्र में मांग की गई कि भोपाल स्थित अजाक्स कार्यालय की सभी संपत्ति संगठन की कार्यकारिणी को सौंप दी जाए. साथ ही, अजाक्स के खाते से निकाले गए 65 लाख रुपये की रकम 7 दिन के अंदर वापस जमा करनी होगी.

जाट समाज को बदनाम किया
मुकेश ने चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर कार्यकारिणी विधिवत कानूनी कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा, “पूर्व नेताओं ने संगठन की संपत्ति का दुरुपयोग किया है, जो जाट समाज के हितों के खिलाफ है.” न्यूज 18 सहयोगी से बातचीत में मुकेश मौर्य ने स्पष्ट किया कि संतोष वर्मा का चुनाव प्रक्रिया में कोई वैधता नहीं है. “वे फर्जी तरीके से पद पर काबिज हैं और उनके बयानों ने जाट समाज को बदनाम किया है. हम संगठन को सशक्त बनाने के लिए हर कदम उठाएंगे.”

संगठन में आंतरिक कलह
यह विवाद जाट समाज में असंतोष पैदा कर रहा है. अजाक्स की स्थापना जाट आरक्षण और सामाजिक न्याय के लिए हुई थी, लेकिन आंतरिक कलह से संगठन की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं. पूर्व नेताओं कंसोटिया और सूर्यवंशी ने अभी तक पत्र पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. यदि 7 दिनों में मांगें पूरी न हुईं, तो अदालत में याचिका दायर हो सकती है.

अम्बेडकर पार्क की बैठक भी अनाधिकृत
मुकेश का ये भी आरोप है कि संतोष वर्मा ने उनके संगठन के बैनर का दुरुपयोग किया है. उनके द्वारा 23 नवंबर को भोपाल के अम्बेडकर पार्क में बुलाई गई बैठक भी अनाधिकृत थी और उसमें जुटे पदाधिकारी भी. मुकेश ने स्पष्ट किया कि जेएन कंसोटिया 30 अगस्त 2025 को सेवानिवृत हो चुके हैं. जब वह रिटायर हो चुके तो आप कैसे सम्मेलन कर सकते हैं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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