हरदा में अजाक्स संगठन, जयस और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति युवा संघ ने आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ की गई कार्रवाई का विरोध किया। शनिवार शाम को इन संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार राजेंद्र पंवार को ज्ञापन सौंपा।
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ज्ञापन में अजाक्स जिलाध्यक्ष सुनील चौरे ने बताया कि उनके प्रांताध्यक्ष और आईएएस संतोष वर्मा के 27 मिनट के भाषण के कुछ अंशों को तोड़-मरोड़कर समाज में सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन ने वर्मा के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की है और निष्पक्ष जांच की मांग की।
एससी एसटी युवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष राहुल पंवारे ने कहा कि संतोष वर्मा ने अपने संबोधन में आर्थिक और सामाजिक आधार के अंतर को समझाया था। उन्होंने बताया कि आईएएस बनने के बाद आर्थिक संपन्नता तो आ जाती है, लेकिन सामाजिक पिछड़ापन और भेदभाव दूर नहीं होता। पंवारे ने कहा कि कुछ कथित समाज विरोधी तत्व और निजी स्वार्थ से प्रेरित संगठन वर्मा के उद्बोधन को तोड़-मरोड़कर सामाजिक वैमनस्य फैला रहे हैं।
जयस के जिलाध्यक्ष सत्यनारायण सुचार ने कहा कि मध्य प्रदेश शासन ने बिना उचित विचार-विमर्श, तथ्यों की निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया अपनाए वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 14, 15(4), 16(4), 21, 38(2) और 46 की मूल भावना के विपरीत बताया, जो सामाजिक न्याय, समानता और संरक्षण की गारंटी देते हैं।
संगठनों ने अपनी मांगों में कहा कि संतोष वर्मा (आईएएस), अध्यक्ष अजाक्स, मध्य प्रदेश के विरुद्ध जारी कारण बताओ नोटिस तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही, समाज में जातीय तनाव और वैमनस्य फैलाने वाले व्यक्तियों या समूहों के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाए।