मध्य प्रदेश (madhya pradesh) के सूचना आयोग ने रीवा (rewa) के लोक सूचना अधिकारी शरद पटेल, कार्यालय कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से वहां की एक बस्ती में पेयजल व्यवस्था के बारे में जानकारी मांगी थी
मध्य प्रदेश (madhya pradesh) के सूचना आयोग ने रीवा (rewa) के लोक सूचना अधिकारी शरद पटेल, कार्यालय कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से वहां की एक बस्ती में पेयजल व्यवस्था के बारे में जानकारी मांगी थी
जीवन जीने के अधिकार के तहत सुविधा नहीं मिलने का मामला राज्य सूचना आयोग पहुंच गया है. यह मामला रीवा की दलित बस्ती से जुड़ा है. यहां पर 100 लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा था. इस बारे में नलकूप के बारे में जानकारी मांगने के लिए RTI दायर की गई थी. लेकिन जिम्मेदारों ने यह जानकारी नहीं दी. यही कारण है कि आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लिया और अब राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह आज वाट्सएप पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करेंगे.
लोक सूचना अधिकारी ने नहीं दिखाई गंभीरता
मध्य प्रदेश (madhya pradesh) के सूचना आयोग ने रीवा (rewa) के लोक सूचना अधिकारी शरद पटेल, कार्यालय कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से वहां की एक बस्ती में पेयजल व्यवस्था के बारे में जानकारी मांगी थी यह जानकारी मेल, फोन और व्हाट्सएप के जरिए लोक सूचना अधिकारी को देना थी. लेकिन तमाम माध्यमों के जरिए संवाद करने के बावजूद लोक सूचना अधिकारी ने आयोग को कोई जानकारी समय सीमा पर नहीं भेजी. जबकि यह मामला गरीबों के पानी पीने के जीवन जीने क अधिकार से जुड़ा हुआ था. इसलिए सूचना आयोग अब आज व्हाट्स पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए इस मामले की सुनवाई कर रहा है. इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में लोक सूचना अधिकारी के साथ तमाम जिम्मेदार स्टाफ को शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं.ये भी पढ़ें-
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First published: June 4, 2020, 9:03 AM IST