सागर में नहीं होगी आकाशीय बिजली गिरने से मौत, 52 लाख का अमेरिकी सॉफ्टवेयर लगा

सागर में नहीं होगी आकाशीय बिजली गिरने से मौत, 52 लाख का अमेरिकी सॉफ्टवेयर लगा


सागर: सागर के सिविल लाइन स्थित मौसम कार्यालय में लाइटिंग लोकेशन नेटवर्क (LNN) सेंसर स्थापित किया गया है. भोपाल इंदौर जबलपुर ग्वालियर सतना के बाद सागर छठवा ऐसा शहर बन गया जहां पर यह सिस्टम इनस्टॉल हुआ है. सागर में 52 लाख की कीमत वाला अमेरिकी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया गया है. जो आकाशीय बिजली गिरने से 40- 45 मिनट पहले ही लोगों को आगाह कर देगा, जिसकी वजह से होने वाली जान माल की हानि से बचा जा सकेगा.

सागर मौसम वैज्ञानिक विवेक छलोत्रे कहते है कि पृथ्वी मंत्रालय विभाग के आईआईटीएम पुणे और भारत मौसम विज्ञान विभाग नई दिल्ली का संयुक्त कार्यक्रम है, जिसके तहत यह देश भर के 117 नगरों में लगाए जा चुके हैं. जो पूरी तरह से बिजली चमकने और बिजली गिरने की 100% जानकारी देता है.

ऐसे करेगा काम

मौसम वैज्ञानिक विवेक छलोत्रे ने बताया कि इस सिस्टम में दो तरह के एंटीना लगे हुए हैं, एक लाइटिंग डिटेक्टर एंटीना है जो ऊपर की तरफ कप सेफ में होता है, इसके साथ एक जीपीएस एंटीना भी लगा हुआ है. जब भी बिजली कड़कती है, तो वहां से विद्युत चुंबकीय तरंगें उत्पन्न होती हैं. यह एंटीना उन तरंगों को ट्रैक करता है. और फिर उन तरंगों का एनालिसिस करके उसकी दशा दिशा उसकी लोकेशन तो उसका पूरा डाटा प्रोसेसिंग बॉक्स में आता है. प्रोसेसिंग बॉक्स में दो पीसीबी कार्ड लगे हुए हैं. एक डिजिटल सिग्नल प्रोसेस और दूसरा है हब, जैसे ही यह डाटा को प्रोसेस करता है. वहां की एग्जैक्ट लोकेशन प्रोसेसिंग में मिल जाती है. प्रोसेसिंग इनफॉरमेशन को वह एंटीना के माध्यम से सैटेलाइट को भेज देता है. सेटेलाइट से भारत मौसम विज्ञान विभाग उसे डाटा को अप में अपलोड कर देता है. क्योंकि जहां पर बिजली गिरने वाली है उसकी सही समय की जानकारी और लोकेशन आमजन को मिल सके और वह बचाव कर सके.

बिजली गिरने से हो चुकी है इतनी मौत

पिछली एक साल की बात करें तो सागर जिले में आधा दर्जन से अधिक मौत केवल बिजली गिरने से हुई है. जिसमें देवरी में एक पिता पुत्र भी शामिल है. इसके अलावा बंडा कृषि उपज मंडी परिसर में आकाशीय बिजली गिरने से अगस्त 2025 में एक मजदूर की मौत और दो अन्य घायल हुए. जुलाई 2025 में सुजानपुर के सरपंच सुरजीत सिंह लोधी खेत से लौटते समय बिजली गिरने से मरे, दो अन्य घायल. वहीं इमझिरा गांव में स्कूल से घर लौटते समय जुलाई 2024 में एक छात्रा बिजली गिरने से मारी गई. जून 2025, खेराई गांव में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने से 15 बकरियों की मौत. नवंबर 2025, करंट लगने से एक किसान की मौत खेत में सिंचाई करते समय हुई.

दामिनी एप से मिलेगी सटीक जानकारी

जिन लोगों के मोबाइल में मौसम विभाग का दामिनी एप डाउनलोड होगा उन्हें 40 से 45 मिनट पहले यह अलर्ट मिल जाएगा की जिस क्षेत्र में वह हैं उसमें कब और कहां पर कितनी देर बाद बिजली गिरने वाली है. इस मैसेज को देखकर वह उसस्थान से बहुत दूर जा सकते हैं, दूसरे लोगों को भी अलर्ट कर सकते हैं जिससे बिजली गिरने से जो नुकसान होता है उससे आसानी से बच जाएंगे. जहां पर यह एंटीना लगाया गया है उसके 40 किलोमीटर के रेडियस में 100% सही जानकारी मिलेगी इसके अलावा जिले की पूरी सीमा को भी यह है कर करेगा, वह जानकारी भी लगभग लगभग सही ही होगी.



Source link