अयोध्या धाम में राम की पैड़ी पर छिंदवाड़ा के श्रीरामलीला मंडल का तीन दिवसीय महोत्सव चल रहा है। रविवार को दूसरे दिन वनवास, सीता हरण और लंका दहन जैसे प्रसंगों का मंचन किया गया। कलाकारों ने दशरथ देहत्याग और भरत-राम मिलाप का ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया कि दर
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दूसरे दिन की शुरुआत दशरथ देहत्याग और करुण भरत-राम मिलाप से हुई। इसके बाद अत्रि ऋषि से भेंट, माता अनुसूइया का उपदेश और पंचवटी कुटिया निर्माण का मंचन किया गया। शूर्पणखा प्रसंग और खर-दूषण वध ने दर्शकों में रोमांच भर दिया।
रामलीला में भरत मिलाप का मंचन
हनुमान-सीता संवाद और लंका दहन रहा आकर्षण
मंच पर स्वर्ण मृग, सीता हरण, जटायु मोक्ष, शबरी मिलन, सुग्रीव मित्रता और बाली वध के दृश्य दिखाए गए। कार्यक्रम के उत्तरार्ध में अशोक वाटिका प्रसंग, हनुमान-सीता संवाद और भव्य लंका दहन मुख्य आकर्षण रहा। लाइट और साउंड इफेक्ट्स ने दृश्यों को जीवंत बना दिया।
शनिवार को हुई थी शुरुआत
महोत्सव की शुरुआत शनिवार को हुई थी। पहले दिन राम जन्म, बाल लीला, सीता स्वयंवर और राम वन गमन तक के प्रसंगों का मंचन किया गया था।
अंतिम दिन राम-रावण युद्ध
अतिथि के रूप में जयेंद्र कुमार और कवि अभय सिंह ‘निर्भीक’ मौजूद रहे। संचालन तरुण जैन ने किया। मुख्य निर्देशक वीरेंद्र शुक्ल ने बताया कि सोमवार को अंतिम दिन राम-रावण युद्ध और राज्याभिषेक का भव्य मंचन होगा।