बड़वानी में राज्यपाल मंगू भाई पटेल के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए कलेक्टर जयति सिंह ने राजपुर के ग्राम मटली में कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। राज्यपाल के इंदल उत्सव के पहले दिन शामिल होने की संभावना है। यह उत्सव जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अका
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तीन दिन चलेगा लोक संस्कृति का उत्सव
तीन दिवसीय इंदल उत्सव में देश की समृद्ध लोक कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।
- 23 दिसंबर को गेड़ी नृत्य, पंडवानी गायन, मोनिया नृत्य, माटी यारों रास नृत्य और सोंगी मुखौटा नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी।
- 24 दिसंबर को निमाड़ी गम्मत, भवई और चकरी नृत्य, डांडिया रास तथा राठवा जनजातीय नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे।
- 25 दिसंबर को समापन अवसर पर महाकाल नृत्य, हरबोला गायन, कालबेलिया नृत्य, बधाई नृत्य और गुमुदबाजा नृत्य होंगे।
तैयारियों को लेकर अधिकारियों को निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर जयति सिंह ने राजपुर ब्लॉक के अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक ली। उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपीं। कलेक्टर ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, मंच संचालन, कलाकारों की सुविधा और दर्शकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
लोक संस्कृति को सहेजने वाला आयोजन
कलेक्टर ने कहा कि इंदल उत्सव जिले की लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत को प्रदर्शित करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। प्रशासन का लक्ष्य है कि यह उत्सव सुव्यवस्थित, सुरक्षित और यादगार बने।

देशभर से आएंगे कलाकार
प्रशासन ने बताया कि इंदल उत्सव प्रतिदिन रात्रिकालीन समय में आयोजित होगा। मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद, भोपाल के तत्वावधान में बिलासपुर, दुर्ग, सागर, गांधीनगर, नासिक, बड़ौदा और डिंडोरी सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकार लोकनृत्य, लोकगायक और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।

भव्य आयोजन की तैयारी अंतिम चरण में
बड़वानी के इंदल धाम मटली में होने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आमजन के शामिल होने की संभावना है। प्रशासन द्वारा इंदल उत्सव 2025 को भव्य, सुरक्षित और यादगार बनाने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।