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Burhanpur News: लोकल 18 की टीम ने अनुसुइया चौहान से बात की तो उन्होंने बताया कि वे गृहिणी थी और उनके पास कोई काम नहीं था. घर के लोग बाहर जाने से मना करते थे, पर जब उन्होंने अपने पति को योजना बताई तो उन्होंने घर से बाहर काम करने की अनुमति दी. 28 दिन के प्रशिक्षण के बाद उन्होंने केले के रेशे से टोकरी, टोपी, मोबाइल कवर और खिलौने बनाना शुरू किया. इससे उन्हें 20 से 25000 रुपए की आय हो रही है.
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के एक छोटे से गांव में रहने वाली अनुसुइया चौहान ने संघर्ष करते हुए अपनी जिंदगी को बदल दिया. अनुसुइया ने सिर्फ कक्षा दसवीं तक पढ़ाई की है. परिवार के लोग उन्हें काम करने से मना करते थे. पर उन्होंने अपने पति सुपड़ु चौहान से कहा कि वे भी उनके काम में मदद करना चाहती है. पति खेती करते थे और अनुसुइया गृहिणी थी. उन्होंने केले के रेशे से घर पर ही टोकरी, झाड़ू, मोबाइल कवर और टोपियां बनाना शुरू किया.
अब लोगों को उनके हाथ से बनी वस्तुएं पसंद आ रही है और वे हर महीने 20 से 25000 रुपए कमा रही है. अनुसुइया का कहना है कि वह पहले गृहिणी थीं और अब अच्छी कमाई कर रही हैं, साथ ही तीन से चार महिलाओं को रोजगार भी दे रही है. उन्होंने 28 दिन के प्रशिक्षण के बाद यह काम शुरू किया और अब देश-विदेश से भी उनके उत्पादों की मांग हो रही है.
मोबाइल कवर और खिलौने बनाने का काम
लोकल 18 की टीम ने अनुसुइया चौहान से बात की तो उन्होंने बताया कि वे गृहिणी थी और उनके पास कोई काम नहीं था. घर के लोग बाहर जाने से मना करते थे, पर जब उन्होंने अपने पति को योजना बताई तो उन्होंने घर से बाहर काम करने की अनुमति दी. 28 दिन के प्रशिक्षण के बाद उन्होंने केले के रेशे से टोकरी, टोपी, मोबाइल कवर और खिलौने बनाना शुरू किया. इससे उन्हें 20 से 25000 रुपए की आय हो रही है और वे चार महिलाओं को रोजगार भी दे रही है. उनका सपना है कि जिस तरह से उन्होंने संघर्ष करके आगे बढ़ी है, अन्य महिलाएं भी स्वयं सहायता समूह के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने घर से रोजगार स्थापित करें. ताकि किसी पर निर्भर रहने की आवश्यकता न हो.
देश विदेश से मिलते हैं ऑर्डर
अनुसुइया बताती है कि उन्हें हाल ही में जापान से केले के रेशे की टोपी बनाने का ऑर्डर मिला था. उन्होंने 100 से अधिक टोपियां जापान भेजी है और अन्य राज्यों से भी लोग ऑर्डर देकर उनके उत्पाद बनवाते है, जिससे उनकी अच्छी कमाई हो जाती है.
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काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें