एमपी: संविधान की अनोखी प्रतिकृति! वकील ने पीतल पर उकेरे 2,000 पन्ने, 42 हजार लोगों ने दिया साथ

एमपी: संविधान की अनोखी प्रतिकृति! वकील ने पीतल पर उकेरे 2,000 पन्ने, 42 हजार लोगों ने दिया साथ


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Indore News: भारत की आत्मा उसके संविधान में बसती है वह संविधान ही है जिसने इस राष्ट्र को भारत के रूप में एकरूपता से पिरोया है. समानता के अधिकार से लेकर बोलने की आ़जादी तक मौलिक अधिकार हो या फिर राष्ट्रपति हमारे कर्तव्य सब कुछ संविधान से ही आता है.

Constitution Unique Replica: भारत की आत्मा उसके संविधान में बसती है वह संविधान ही है जिसने इस राष्ट्र को भारत के रूप में एकरूपता से पिरोया है. समानता के अधिकार से लेकर बोलने की आ़जादी तक मौलिक अधिकार हो या फिर राष्ट्रपति हमारे कर्तव्य सब कुछ संविधान से ही आता है. यह भारत जैसे महान राष्ट्र की वह नव है जिसने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की इमारत को मजबूती से पकड़ रखा है. इंदौर के ‘पीतल मैन ऑफ इंडिया’ एडवोकेट लोकेश मंगल नहीं इसी संविधान को पीतल के माध्यम से एक अजर अमर दस्तावेज के रूप में सजाने की कोशिश की है.

करीब 42000 लोगों के एक रुपए के सहयोग से बनें इस पीतल के दस्तावेज को संविधान से देश के तहत 3 भाषाओं में बनाया गया है. दो हज़ार पेज में बने इस पीतल के दस्तावेज का वजन लगभग 16.5 किलो है.जिसे जनवरी 2025 को डॉ भीमराव अंबेडकर की जन्म स्थली महू से जारी किया गया था.

संविधान राष्ट्र की आत्मा
लोकेश मंगल ने लोकल 18 को बताया कि संविधान राष्ट्र की आत्मा है और यह कभी नष्ट नहीं होना चाहिए. कागज समय के साथ खराब हो सकता है, लेकिन पीतल की शीटें हजारों वर्षों तक सुरक्षित रहेंगी. उनका उद्देश्य संविधान को एक ऐसी भौतिक पहचान देना था जो इसकी शाश्वत महत्ता को दर्शा सके. इस भव्य संविधान में मूल पाठ, अनुच्छेदों और प्रावधानों को लेजर प्रिंटिंग की अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके पीतल की पतली शीट्स पर उतारा गया है. इसमें न केवल कानून की बारीकियों को शामिल किया गया है, बल्कि भारत के मूल अधिकारों और संवैधानिक इतिहास की गहराई को भी समाहित किया गया है. साथ ही इसमें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों के चित्र, देश की विरासत और राज्यों के गठन से जुड़े दुर्लभ विवरण भी शामिल हैं‌.

पीतल के संविधान में करीब 1700 पेज पर दोनों तरफ प्रिंटिंग की गई है जबकि 300 पेज हैं जिनमें एक तरफ प्रिंट किया गया है. इसमें डॉक्टर भीमराव अंबेडकर इसके निर्माण में सम्मिलित कई महापुरुषों की भी छाया कृति अंकित की गई है. यह ना केवल अपने आप अनोखा है बल्कि एक रिकॉर्ड भी है इससे पहले किसी भी देश के संविधान की किसी धातु पर इतने प्रश्नों के साथ छपाई नहीं की गई है.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें

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वकील का संविधान के लिए जुनून, पीतल पर उकेरे 2,000 पन्ने, बनाया अनोखा रिका



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