तीनों आरोपियों मानसिंह, लक्ष्मण और शंकर को गिरफ्तार किया गया है।
ग्वालियर की कोतवाली थाना पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में सात साल से फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर एक ही कृषि भूमि को फर्जी दस्तावेजों के जरिए कई लोगों को बेचने का आरोप है।
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पुलिस ने आरोपियों को ग्राम हस्तिनापुर से पकड़ा है। थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि तीनों आरोपी हस्तिनापुर गांव में हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक टीम गठित की गई, जिसने घेराबंदी कर मानसिंह पुत्र हीरालाल, लक्ष्मण पुत्र गणपत कुशवाह और शंकर पुत्र गणपत (सभी निवासी ग्राम तोर) को चाय की टपरी के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस टीम ने उन्हें थाना कोतवाली के अपराध क्रमांक 137/18 में गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों से इस मामले में विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
यह पूरा मामला ग्वालियर के पटेल नगर, सिटी सेंटर निवासी रेखा मिश्रा द्वारा न्यायालय में दिए गए परिवाद पत्र से शुरू हुआ था। रेखा मिश्रा ने आरोप लगाया था कि लक्ष्मण सिंह, अमतलाल, तेजसिंह, पिंका, मानसिंह और शंकर सिंह ने उनकी ग्राम जमरोहा स्थित लगभग 4.944 हेक्टेयर कृषि भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार किए हैं। ये सभी जमरोहा के हस्तिनापुर स्थित ग्राम तौर के निवासी हैं।
आरोपियों ने धोखाधड़ीपूर्वक इस भूमि का विक्रय दर्शाया और रकम प्राप्त कर ली। इसके बाद उसी जमीन को दोबारा अन्य व्यक्तियों को बेच दिया गया। न्यायालय के आदेश पर 25 अप्रैल 2018 को थाना कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ धारा 467, 468, 471, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज किया था।