रीवा जिले के धान खरीदी केंद्रों पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। यहां असली किसानों की जगह व्यापारी ट्रकों में धान भरकर ला रहे हैं। जांच में एक ही व्यक्ति के पास कई किसानों के रजिस्ट्रेशन मिले हैं, जिससे दूसरे राज्यों (खासकर यूपी) का धान खपा
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कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लगातार मिल रही शिकायतों के बाद खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। यहां एक तरफ किसान ट्रैक्टर की लाइन में लगे थे, वहीं दूसरी तरफ संदिग्ध ट्रकों की आवाजाही दिख रही थी। शहरी क्षेत्र से लगे खैरा और मनगवां केंद्र पर भी ऐसी ही गड़बड़ियां मिलीं। मनगवां में मामला पकड़ में आने पर तत्काल कार्रवाई की गई है। खैरा में भी एक शख्स के पास कई रजिस्ट्रेशन मिलने से लंबी कतारें लगी रहीं।
बॉर्डर से धान आने का डर, समिति प्रबंधकों पर गिरेगी गाज
कलेक्टर ने बताया कि रीवा जिला यूपी बॉर्डर से लगा है, इसलिए बाहरी धान खपाने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर किसी और के रजिस्ट्रेशन पर धान बेचते पकड़े गए, तो बेचने वाले और समिति प्रबंधक दोनों पर सख्त कार्रवाई होगी। रजिस्ट्रेशन का दुरुपयोग किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सफाई-तौल के नाम पर अवैध वसूली
केंद्रों पर किसानों से अवैध वसूली की शिकायतें भी आ रही हैं। आरोप है कि धान की सफाई और तौल के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं, जबकि कई जगह बिना सफाई किए ही तौल की जा रही है। किसानों का कहना है कि बाहर से धान आने के कारण असली किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। प्रशासन को इस पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए।