बालाघाटः बीते कुछ सालों में पलायन की समस्या काफी बढ़ी है लेकिन लोग समय के साथ लौट कर अपने मूल की तरफ भी जा रहे है. लेकिन अब वो व्यवसाय क्या करें. एक ऐसे ही व्यवसाय के बारे में बता रहे है, जिसे शुरू कर आप आत्मनिर्भर बन सकते हैं. इससे न सिर्फ आपको आय होगी बल्कि रासायनिक खादों से मुक्ति और जैविक खेती के लिए जैविक खाद भी मिलेगा. जी हां हम बात कर रहे है पशुपालन की. इसमें आप उन्नत नस्ल पशु पाल सकते हैं और दूध उत्पादन कर अपनी आय भी बढ़ा सकते हैं. अगर आप खेती करना चाहते हैं, तो पशुपालन से आपको अतिरिक्त आय भी मिलेगी.
सरकार दे रही इस योजना में बड़ी सब्सिडी
मध्य प्रदेश सरकार डेयरी क्रांति लाने के लिए 25 अप्रैल को यह योजना राज्य में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है. इस योजना के तहत उन लोगों के लिए है, जो युवा, किसान और पशुपालक है. इसमें 25 दुधारू पशुओं की यूनिट स्थापित करने यानी पशुशाला खोलने के लिए सरकार सब्सिडी दे रही है. इस योजना में आप 25 दुधारू पशु की आठ युनिट यानी 200 पशु तक पाल सकते हैं.
इस योजना के तहत 25 प्रतिशत का अनुदान मिलता है. वहीं, हितग्राही अनुसूचित जाति या जनजाति से आता है, तो प्रोत्साहन के तौर पर उन्हें 33 प्रतिशत तक का अनुदान मिलता है. इस योजना में 36 लाख रुपए प्रति युनिट से लेकर 42 लाख रुपए प्रति युनिट के हिसाब से लागत लगती है. अगर आप 8 युनिट भी स्थापित करना चाहते हैं, तो इसमें एक युनिट में एक ही नस्ल के गोवंश या फिर भैंस वंश होना चाहिए.
लाभ लेने के लिए क्या है शर्तें
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने कुछ शर्तें भी तय की है. इसके मुताबिक, अगर आप योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो एक यूनिट के लिए 3.50 एकड़ जमीन होना चाहिए. वहीं, अगर हितग्राही के पास जमीन नहीं है, तो परिवार की सामुहिक जमीन में अन्य सदस्यों की सहमति से भी योजना का लाभ ले सकते हैं. वहीं, युनिट की संख्या बढ़ाना है, तो उस अनुपात में भूमि का होना भी आवश्यक है. अगर आपका नाम योजना के लिए चयनित होता है, तो लोन का भुगतान चार चरणों में होता है.
ये है आवेदन की प्रक्रिया
इसके लिए आप आवेदन पशुपालन विभाग में जाकर भी कर सकते हैं. वहीं, जनवरी में इसके ऑनलाइन आवेदन भी शुरु हो जाएंगे. इसमें पहले आओ और पहले पाओ की तर्ज पर लाभार्थियों का चयन होता है. इस योजना के तहत सरकार लोगों को आत्मनिर्भर बनाना चाहती है. साथ ही दुग्ध उत्पादन भी सरकार का एक बड़ा लक्ष्य है. वहीं, पशुपालन की प्रति लोगों में जागरूकता लाना है.