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Indore news: बिजासन माता को माँ दुर्गा का ही स्वरूप माना जाता है विशेष रूप से, आँखों की रोशनी और पारिवारिक सुख-शांति के लिए लोग यहाँ दूर-दूर से मन्नत माँगने आते हैं. 1000 साल से भी ज्यादा पुराना है पुजारी ने बताया कि यह उनकी 10वीं पीढ़ी है जो माता की सेवा में लगी हुई है.
इंदौर: इंदौर में एयरपोर्ट के नजदीक ऊंची पहाड़ी पर स्थित बिजासन टेकरी पर मौजूद बिजासन माता का मंदिर इंदौर की आस्था का केंद्र है. यह मंदिर करीब 1000 साल से भी ज्यादा पुराना है और विश्व का एकलौता ऐसा मंदिर है जहां माता स्वयं भू अपने नौ रूप में विराजमान है. माता को सुरक्षा की देवी भी कहा जाता है इसके पीछे बड़ी ही दिलचस्प कहानी है. लोग यहां मन्नत मांगने से लेकर अपनी बाधाएं छुड़वाने आते हैं. होलकर राजवंश के समय से ही इस मंदिर का विशेष महत्व रहा है.
मां दुर्गा का है रूप
मंदिर के पुजारी रतन मन गोस्वामी ने बताया कि बिजासन माता को माँ दुर्गा का ही स्वरूप माना जाता है विशेष रूप से, आँखों की रोशनी और पारिवारिक सुख-शांति के लिए लोग यहाँ दूर-दूर से मन्नत माँगने आते हैं. माना जाता है की मां से मांगी गई मुराद हमेशा पूरी होती है. मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ मुख्य गर्भगृह में माँ बिजासन के साथ नौ अलग-अलग देवियों की प्रतिमाएँ विराजित हैं जो स्वयं भू है.
बड़ी मुश्किल से हुआ निर्माण बताया जाता है कि महाराजा कुशीराम होलकर जंगल में भ्रमण करने आते थे तब उन्होंने देखा यहां माता विराजमान है. वह बड़ी देवी भक्त थे उन्होंने मंदिर का कई बार निर्माण करने का प्रयास किया लेकिन हर बार मंदिर की दीवारेंटूट जाती थी. बाद में एक दिन माता ने उन्हें स्वपन दिया और कहा कि मुझसे कोई मन्नत मांगों और जगह पूरी हो जाए तब मंदिर बनाना। अपने पुत्र प्राप्ति की कामना की और शिवाजी राव होलकर का जन्म हुआ उसके बाद यहां मंदिर का निर्माण हो सका.
सुरक्षा की देवी हैं बिजासन माता
एक हजार साल पुराना है मंदिर
बिजासन माता मंदिर 1000 साल से भी ज्यादा पुराना है पुजारी ने बताया कि यह उनकी 10वीं पीढ़ी है जो माता की सेवा में लगी हुई है. यहां भक्त अनेक प्रकार की बाधाओं के हाल के लिए भी माता के दरबार में आते हैं. मान्यता कि यहां कल जल छिड़कने और मंत्रों के बाद बाधाओं से उन्हें मुक्ति मिल जाती है. नवरात्रि के दौरान यहां 9 दिन का मेला लगता है इस दौरान पूरी पहाड़ी को भव्य रूप में सजाया जाता है. इस दौरान लाखों श्रद्धालू यहां दर्शन करने आते हैं. यह उनकी 10वीं पीढ़ी है जो मंदिर में मां की सेवा कर रही है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें