खंडवाः आज के समय में सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और तंबाकू की लत एक बड़ी समस्या बन चुकी है.कई बार लोग दवाइयां लेते हैं, काउंसलिंग करवाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद फिर से वही आदत लौट आती है. ऐसे में आयुर्वेद में ऐसी कई विधियां बताई गई हैं, जो शरीर और मन दोनों पर काम करती हैं. इन्हीं में से एक खास घरेलू नुस्खे के बारे में एक्सपर्ट डॉक्टर बताते हैं, जो सिगरेट और गुटखे की तलब को धीरे-धीरे कम कर सकता है. यह कोई जादू नहीं है, बल्कि एक नियमित प्रक्रिया है, जिसे अपनाने से आदत पर कंट्रोल करना आसान हो जाता है.
नशा छुड़ाने का ये है घरेलू टिप्स
LOCAL 18 से बातचीत में डॉक्टर अनिल पटेल बताते हैं कि नशे की लत अचानक नहीं छूटती, बल्कि इसे धीरे-धीरे कम करना ज्यादा असरदार होता है. उनका कहना है कि जब तलब कम होने लगती है, तो इंसान खुद ही नशे से दूरी बनाने लगता है. इसके लिए उन्होंने एक सरल नुस्खा बताया है, जिसमें सिर्फ दो मुख्य चीजों का इस्तेमाल होता है सौंफ और अजवाइन. इन्हें अलग-अलग बर्तनों में डालकर साफ पानी से अच्छी तरह धो लें, ताकि धूल-मिट्टी पूरी तरह निकल जाए. इसके बाद एक नींबू लें और उसका ताजा रस निकाल लें. अब सौंफ और अजवाइन को इस नींबू के रस में भिगो दें. ध्यान रखें कि रस इतना हो कि दोनों चीजें अच्छे से भीग जाएं.
नींबू के रस में सात बार भिगोने
नींबू के रस में भिगोने के बाद इन्हें सीधे तेज धूप में नहीं सुखाना है. इन्हें छांव वाली जगह पर फैलाकर सुखाया जाता है. जब ये पूरी तरह सूख जाएं, तब फिर से इन्हें नींबू के रस में भिगोना है. यही प्रक्रिया आपको कुल सात बार दोहरानी होगी. यानी सात बार नींबू में भिगोना और सात बार छांव में सुखाना. डॉक्टर बताते हैं कि यह प्रक्रिया थोड़ी समय लेने वाली जरूर है, लेकिन इसी से इसका असर बढ़ता है. सातवीं बार सुखाने के बाद सौंफ और अजवाइन को एक साफ और सूखी शीशी में भरकर रख लें. चाहें तो इसमें थोड़ा सा तिल भी मिला सकते हैं, इससे स्वाद और असर दोनों बेहतर हो जाते हैं.
ऐसे करना है सेवन
अब बात करते हैं इसके सेवन के तरीके की. डॉक्टर अनिल पटेल के अनुसार, इस मिश्रण का सेवन रोजाना भोजन के बाद करना चाहिए. इसके अलावा जब भी सिगरेट या गुटखा खाने की तलब महसूस हो, तब भी थोड़ी मात्रा में इसे मुंह में डालकर चबा सकते हैं. इसका स्वाद धीरे-धीरे मुंह में फैलता है और तंबाकू की इच्छा को कम करने में मदद करता है. नियमित सेवन से कुछ ही दिनों में फर्क महसूस होने लगता है. पहले तलब कम होती है, फिर दिन में सिगरेट या गुटखा लेने की संख्या घटने लगती है. धीरे-धीरे वह समय भी आता है, जब बिना किसी जबरदस्ती के यह आदत छूटने लगती है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें कोई केमिकल नहीं है और न ही किसी तरह का नुकसान.
डॉक्टर यह भी बताते हैं कि यह नुस्खा सिर्फ सिगरेट या गुटखे तक सीमित नहीं है. अगर कोई व्यक्ति शराब की लत से परेशान है, तो उसे भी इस उपाय से मदद मिल सकती है. हालांकि इसके साथ आत्म-नियंत्रण और सही दिनचर्या भी जरूरी है. आयुर्वेद का मानना है कि जब शरीर और मन दोनों को संतुलन मिलता है, तभी किसी भी बुरी आदत से छुटकारा मिल पाता है.