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Satna News: देसी बिल्लियों में नैचुरल रेजिस्टेंस ज्यादा होती है, इसलिए वे कई बार इन बीमारियों से खुद ही लड़ लेती हैं लेकिन पर्शियन बिल्लियों के मामले में वैक्सीनेशन में देरी जानलेवा साबित हो सकती है.
सतना. आजकल पेट एनिमल्स के तौर पर बिल्लियां पालने का शौक तेजी से बढ़ रहा है. खासतौर पर पर्शियन कैट्स युवाओं और परिवारों की पहली पसंद बनती जा रही हैं. यह ट्रेंड सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं रहा बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र में या यूं कहें तो सतना शहर में भी तेजी से देखने को मिल रहा है. हालांकि सर्दियों का मौसम पालतू बिल्लियों के लिए जितना आरामदायक लगता है, उतना ही जोखिम भरा भी हो सकता है. विशेषज्ञों की मानें तो ठंड के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही बिल्लियों को गंभीर बीमारियों की चपेट में ला सकती है.
वैक्सीनेशन है सबसे बड़ा सुरक्षा कवच
डॉक्टरों के अनुसार, समय पर वैक्सीनेशन करवाने से निमोनिया और अन्य वायरल संक्रमणों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है. 90 दिन की उम्र पूरी होने पर रेबीज का टीका लगवाना भी अनिवार्य बताया जाता है. देसी बिल्लियों में प्राकृतिक रेजिस्टेंस अधिक होती है, इसलिए वे कई बार इन बीमारियों से खुद ही लड़ लेती हैं लेकिन पर्शियन कैट्स के मामले में टीकाकरण में देरी जानलेवा साबित हो सकती है.
सर्दियों में सही आहार बेहद जरूरी
ठंड के मौसम में बिल्लियों को गर्माहट और पर्याप्त ऊर्जा देने के लिए उनके आहार पर खास ध्यान देना चाहिए. हल्का गुनगुना, प्रोटीन और वसा युक्त भोजन जैसे पका हुआ चिकन, कम हड्डियों वाली मछली और उबले अंडे फायदेमंद माने जाते हैं. इसके साथ थोड़ा उबला चावल और सब्जियां मिलाई जा सकती हैं. फ्रिज का ठंडा खाना या बहुत ठंडा पानी देने से बचना चाहिए क्योंकि इससे उनकी इम्युनिटी कमजोर हो सकती है. शाकाहारी परिवार चाहें तो चिकन या अंडे की जगह पनीर दे सकते हैं लेकिन नमक, मिठास और मसालेदार भोजन बिल्कुल न दें.
रहने और देखभाल की सही व्यवस्था
ठंड में बिल्लियों को साधारण टी-शर्ट पहनाना उपयोगी माना जाता है. उनके सोने के लिए गर्म कंबल या गद्देदार बिस्तर होना चाहिए, जिसे ठंडे फर्श से थोड़ा ऊपर रखा जाए. सर्दियों में बिल्लियां कम पानी पीती हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है, इसलिए उन्हें ताजा और हल्का गुनगुना पानी देना जरूरी है. बार-बार नहलाने से बचें और नियमित ब्रशिंग करें ताकि त्वचा स्वस्थ रहे.
विशेषज्ञों की राय में सही वैक्सीनेशन, संतुलित आहार और सर्दियों के अनुसार देखभाल से पालतू बिल्लियों को कई गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है. पूरे विंध्य क्षेत्र में बढ़ते कैट कल्चर के बीच यह जागरूकता बेहद जरूरी है ताकि शौक के साथ जिम्मेदारी भी निभाई जा सके.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
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