इंदौर में पुलिसकर्मियों के मोबाइल हैक होने का मामला सामने आया है, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने सतर्कता बरतने की एडवाइजरी जारी की है। बताया गया कि हाल ही में कुछ पुलिसकर्मियों के मोबाइल पर APK फाइल आई थी, जिसे डाउनलोड करने के बाद उनका व्हाट्सएप हैक ह
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एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि आजाद नगर, लसूड़िया, तुकोगंज और चंदन नगर थानों में पदस्थ पुलिसकर्मियों के मोबाइल हैक होने की जानकारी मिली है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ई-चालान से जुड़ी एक फर्जी APK फाइल डाउनलोड करने के कारण उनके मोबाइल हैक हुए। इसके बाद साइबर अपराधियों ने व्हाट्सएप के जरिए फोन कॉन्टैक्ट में मौजूद लोगों से पैसे मांगने के मैसेज भेजे।
एडिशनल डीसीपी दंडोतिया ने बताया कि इस तरह की फर्जी APK फाइलें पूरे प्रदेश में सक्रिय हैं। इसे देखते हुए क्राइम ब्रांच की साइबर टीम ने पुलिसकर्मियों के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है। हैक किए गए मोबाइल नंबरों और साइबर गिरोह के स्रोत को लेकर जांच जारी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी अनजान या संदिग्ध APK फाइल को डाउनलोड करने से बचना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे मोबाइल का डेटा फॉरवर्ड मोड में चला जाता है, जिसका साइबर अपराधी दुरुपयोग करते हैं।