बड़वानी जिले के राजपुर नगर में गुरुवार को जनजाति सुरक्षा मंच बड़वानी के बैनर तले एक ज्ञापन दिया। यह ज्ञापन राजपुर क्षेत्र में ईसाई मिशनरियों की कथित अवैध गतिविधियों और जनजाति समुदाय के अवैध धर्मांतरण के विरोध में था। इसे कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक बड़व
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राजपुर की 60 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने ग्राम सभा में एक ठहराव प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव के तहत, ईसाई मिशनरियों (ईसाई पास्टरों) की ओर से बिना ग्राम सभा की अनुमति के किए जाने वाले गैर-जनजाति आयोजनों को पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है।
प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि यदि ग्राम सभा की पूर्व अनुमति के बिना ऐसे गैर-जनजाति आयोजन या ईसाई प्रार्थना सभाएं की जाती हैं, तो उन्हें असंवैधानिक माना जाएगा। ऐसा करने वाले संगठन और ईसाई पास्टरों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ईसाई मिशनरी प्रलोभन देकर करा रहे धर्म परिवर्तन
सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश चौहान ने बताया कि ईसाई मिशनरी गरीब, दलित और वंचित समाज के लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़वानी जिलेभर सहित राजपुर क्षेत्र के गांवों और फलियों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के भोले-भाले लोग ईसाई मिशनरी के सॉफ्ट टारगेट बने हुए हैं। मिशनरी से जुड़े लोग पहले उन्हें अपनी बातों में फंसाते हैं, फिर लोभ-प्रलोभन देकर उनका धर्म परिवर्तन करा देते हैं।
इस मामले को लेकर जनजाति सुरक्षा मंच और जनप्रतिनिधियों ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मिशनरियों द्वारा प्रपंच, धोखा और अंधविश्वास के सहारे लोगों का धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है, जो हिंदू समाज के लिए चिंताजनक है।
जनप्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिना ग्राम पंचायत की अनुमति के कोई भी कार्यक्रम नहीं किया जा सकता है। यदि ऐसे आयोजन होते हैं, तो उन पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।