धर्म कांटे पर उपार्जन के लिए आई धान से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली और खाली ट्रॉली की तुलाई करने में परेशानी हुई।
नर्मदापुरम जिले में समर्थन मूल्य धान की खरीदी की जा रही है। उपार्जन केंद्रों पर धान बेचना किसानों के लिए एक चुनौती साबित हो रहा है। 4,5 दिन बीतने के बाद किसानों के नम्बर आ रहे है। इतना ही नहीं छोटे कांटे के बजाय बड़े धर्म कांटे पर तुलाई हो रही। जहां
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ऐसा नजारा शुक्रवार को जिला मुख्यालय के अनाज मंडी में स्थित समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र और बड़े धर्म कांटे पर देखने को मिला। जहां 200 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी थी लेकिन सबसे पहले तुलवाने के लालच में धर्म कांटे पर भीड़ लग गई। किसानों ने एक कतार में खड़े होने के बजाय मन मुताबिक ट्रैक्टर ट्रालियों को धर्म कांटे पर खड़े कर दिया।
धर्म कांटे पर तुलाई के लिए टोकन बांटे गए।
तुलाई के बाद खाली और भरे ट्रैक्टर ट्रॉली आमने सामने खड़े हो हुए। जिससे विवाद की स्थिति बनी। ऐसे में कुछ देर के लिए कांटे पर तुलाई बाधित हुई। समझाइश के बाद एक तरफ से रास्ता खुलने पर धर्म कांटे पर तुलाई शुरू हुई। फिर किसानों को धर्म कांटे पर तुलाई के लिए टोकन भी बांटे गए। अव्यवस्था के चलते किसानों को धान बेचने में 4,5 दिन का वक्त लग रहा है।

अनाज मंडी परिसर में धर्म कांटे पर तुलाई के लिए खड़ी ट्रालियां।
जिले में 1 दिसंबर से 69 केन्द्र पर उपार्जन खरीदी जारी है। नर्मदापुरम अनाज मंडी में नर्मदांचल विपणन संस्था और मप्र वेयरहाउस कॉर्पोरेशन कार्यालय परिसर स्थित वेयरहाउस में सहकारी सोसाइटी खरीदी कर रही है। दोनों खरीदी केंद्रों के समिति प्रबंधकों द्वारा धर्म कांटे से ट्रालियां को तुलवाकर केंद्र पर खाली कराई जा रही है।
शुक्रवार को करीब 200 से ज्यादा धान से भरी ट्रालियां खड़ी रही। कतार में लगे रायपुर के किसान अखिलेश तिवारी ने बताया धान बेचने के लिए 4 दिन से ट्राली लाइन में खड़ी है। रोकने टोकने वाला कोई भी होने से हर कोई जल्दी तुलवाने के लिए कहीं भी ट्रॉली खड़े कर रहा है।

धान बिकने के लिए खड़ी ट्रालियां।
नर्मदांचल समिति के प्रबंधक जीतू राजपूत का कहना है कि आवक अधिक हो रही है लेकिन ट्रांसपोर्ट कम हो रहा। जिससे ये ऐसी बन रही। बीच में दो दिन का अवकाश होने से परिवहन नहीं हो पाया है। किसानों की सुविधा के लिए हम बड़े धर्म कांटे से तुलाई करा रहे। फिर भी किसान को 2,3 दिन लग रहे है।
जासलपुर समिति के केंद्र प्रभारी संदीप परसाई का कहना है कि आवक अधिक हो रही, पर जगह कम होने से दिक्कत जो रही है।