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Small Parks In Khandwa: खंडवा की कई कॉलोनियों में भी छोटे-छोटे गार्डन बनाए गए हैं. यही वजह है कि खंडवा में रहने वाले लोगों को प्रकृति से जुड़ने और सुकून के पल बिताने के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ता. खंडवा के ये पार्क न सिर्फ हरियाली बढ़ा रहे हैं, बल्कि लोगों की सेहत और मन दोनों को खुश रखने का काम कर रहे हैं.
Small Parks In Khandwa: खंडवा शहर अपनी सादगी, हरियाली और अपनापन के लिए जाना जाता है. यहां की गलियों में जहां बाजारों की रौनक दिखती है, वहीं शहर में कुछ ऐसे पार्क भी हैं, जहां पहुंचते ही मन को शांति मिल जाती है. सुबह की ताजगी हो या शाम की ठंडी हवा, खंडवा के पार्क लोगों के लिए सुकून का भरोसेमंद ठिकाना बन चुके हैं. शहर के रहने वाले सुनील जैन बताते हैं कि खंडवा में 3 से 4 बड़े पार्क हैं, जिन्हें नगर निगम ने अच्छे तरीके से विकसित किया है और यहां रोज सैकड़ों लोग घूमने आते हैं.
Local 18 से बात करते हुए शहर के नागरिक प्रकृति प्रेमी सुनील जैन कहते है कि सबसे पहले बात करते हैं नागचुन पार्क की. यह पार्क शहर से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित है और खंडवा का सबसे बड़ा पार्क माना जाता है. पार्क के पास ही नागचुन तालाब है, जो इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देता है. यहां सुबह-सुबह टहलते लोग, योग करते बुजुर्ग और हंसते-खेलते बच्चे नजर आ जाते हैं. शहर की भीड़-भाड़ से दूर यह पार्क एकदम शांत वातावरण में बना हुआ है. हरियाली, खुली हवा और साफ-सुथरा माहौल इसे खास बनाता है. कई परिवार यहां पिकनिक मनाने भी आते हैं और बच्चे घंटों तक खेलते रहते हैं. इसके बाद आता है टैगोर पार्क, जो शहर के पास ही स्थित है और लोगों के बीच काफी फेमस है. यह पार्क खासतौर पर सुबह और शाम के समय गुलजार रहता है. यहां घूमने के साथ-साथ एक्सरसाइज करने के लिए मशीनें लगी हुई हैं. सुबह योग करने वालों की अच्छी-खासी संख्या यहां देखने को मिलती है. टैगोर पार्क की सबसे बड़ी खासियत यहां की चौपाटी है, जहां लोग टहलने के बाद चाट, आइसक्रीम और अन्य खाने-पीने की चीजों का मजा लेते हैं. यह पार्क युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आता है.
घंटाघर पार्क सबसे खास
खंडवा शहर के बीचों-बीच स्थित घंटाघर पार्क भी लोगों के लिए एक खास जगह है. यह पार्क सुबह, दोपहर और शाम हर समय लोगों से भरा रहता है. यहां बैठकर कुछ देर आराम करने से दिनभर की थकान उतर जाती है. पार्क के पास ही डिजिटल घड़ी लगी हुई है, जो पुराने घंटाघर की पहचान को नई तकनीक से जोड़ती है. शाम 7 बजे के बाद यहां आसपास सस्ती चौपाटी लग जाती है, जो रात 11 बजे तक चलती है. इसी वजह से यहां 24 घंटे चहल-पहल बनी रहती है. इसके अलावा सराफा क्षेत्र में बना तुलसी उपवन भी शहर का एक सुंदर और शांत पार्क है. यहां हरियाली के बीच महिलाएं सुबह योग करने आती हैं. पार्क में एक्सरसाइज की सभी सुविधाएं मौजूद हैं. इस पार्क के सामने गणेश मंदिर है, इसलिए यहां आने वाले लोग पहले गणेश जी के दर्शन जरूर करते हैं. यह पार्क भी शहर के बीचों-बीच होते हुए भी शांति का अहसास कराता है. सुनील जैन बताते हैं कि इन बड़े पार्कों के अलावा खंडवा की कई कॉलोनियों में भी छोटे-छोटे गार्डन बनाए गए हैं. यही वजह है कि खंडवा में रहने वाले लोगों को प्रकृति से जुड़ने और सुकून के पल बिताने के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ता है. खंडवा के ये पार्क न सिर्फ हरियाली बढ़ा रहे हैं, बल्कि लोगों की सेहत और मन दोनों को खुश रखने का काम कर रहे हैं.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें