Pakistan Cricket Board: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन मोहसिन नकवी अपने विवादों के लिए मशहूर हैं. नकवी ने भारत की “नो-हैंडशेक” पॉलिसी के बारे में खुलकर बात की है. उन्होंने कहा कि अगर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अपना मौजूदा रवैया जारी रखता है, तो पाकिस्तान को भी हाथ मिलाने में कोई दिक्कत नहीं है. उनके इस बयान की आलोचना चौतरफा हो रही है. सितंबर में एशिया कप के बाद से भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने इंटरनेशनल मैचों के दौरान अपने पाकिस्तानी साथियों से हाथ मिलाने से मना कर दिया है. कहा जा रहा है कि यह पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए किया गया है. भारत ने इस महीने की शुरुआत में U19 एशिया कप के दौरान भी यही रवैया अपनाया था.
क्रिकेट और राजनीति को दूर रखने पर जोर
लाहौर में रिपोर्टरों से बात करते हुए पाकिस्तान के गृह मंत्री नकवी ने साफ किया कि पीसीबी का भारत के साथ जबरदस्ती हाथ मिलाने या दूसरे फॉर्मल इशारे करने का कोई इरादा नहीं है. नकवी ने कहा, ”हमारा मानना आज भी वही है और मेरा यकीन मानिए खुद प्रधानमंत्री ने मुझसे दो बार कहा है कि हमें इस सब में राजनीति नहीं आने देनी चाहिए. पहले दिन से ही हमारा स्टैंड रहा है कि क्रिकेट और पॉलिटिक्स अलग-अलग रहने चाहिए. उस दिन सरफराज ने आपको बताया होगा कि कैसा एटीट्यूड दिखाया गया था और वह कैसा था.”
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हाथ मिलाने पर नकवी ने क्या कहा?
नकवी ने कहा कि पाकिस्तान भारत के चुने हुए रास्ते का सम्मान करेगा, लेकिन वे अपने पड़ोसियों के साथ बराबरी का मुकाबला करेंगे. उन्होंने आगे कहा, “अगर वे हाथ नहीं मिलाना चाहते, तो हमारी भी कोई खास इच्छा नहीं है. जो भी होगा वह भारत के साथ बराबरी पर होगा और आप देखेंगे यह तरीका आगे भी जारी रहेगा. यह मुमकिन नहीं है कि वे एक काम करें और हम पीछे हट जाएं- ऐसा बिल्कुल नहीं होगा.”
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पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत का मुंहतोड़ जवाब
पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच दुश्मनी चरम पर पहुंच गई है. पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने 26 भारतीय पर्यटकों को मार डाला था. जवाब में भारत ने सीमा पार आतंकी ढांचे को खत्म करने के मकसद से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम का एक मिलिट्री अभियान शुरू किया. इसमें कई आतंकियों को मौत के घाट उतारा गया. उसके ढांचे को तहस-नहस किया गया.