BCCI Central Contract: इन 5 वजहों के चलते Shubman Gill पर मेहरबान है BCCI, पहले कप्तानी, अब प्रमोशन की तैयारी

BCCI Central Contract: इन 5 वजहों के चलते Shubman Gill पर मेहरबान है BCCI, पहले कप्तानी, अब प्रमोशन की तैयारी


BCCI Central Contract 2025-26: पिछले हफ्ते एक खबर आई थी कि शुभमन गिल टी20 विश्व कप 2026 नहीं खेलेंगे. बाद में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने जब टीम इंडिया का ऐलान किया तो इस खबर पर मुहर भी लग गई. वर्ल्ड कप स्क्वाड से गिल का नाम गायब था. यह कोई चौंकाने वाली बात नहीं थी, क्योंकि गिल 2025 में टी20 में बुरी तरह फ्लॉप रहे थे, लेकिन अब एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है, जो साबित करती है कि गिल सिर्फ विश्व कप 2026 तक टी20 टीम से बाहर हैं. भविष्य में उनकी वापसी लगभग तय मानी जा रही है. इसकी बड़ी वजह यह है कि BCCI इस युवा स्टार को नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में प्रमोट करने की तैयारी कर रहा है.

माना जा रहा है कि BCCI नए साल यानी 2026 की शुरुआत में ही 2025-26 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की लिस्ट जारी कर सकता है. इस बार सबसे बड़ा बदलाव शुभमन गिल का प्रमोशन हो सकता है. उन्हें ग्रेड A से ग्रेड A+ में प्रमोट किए जाने की पूरी संभावना है. इसके पीछे सिर्फ एक नहीं, बल्कि 5 बड़ी वजहें हैं. 2025 में गिल को वनडे और टेस्ट टीम की कप्तानी सौंपी गई थी और अब 2026 की शुरुआत में सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में प्रमोशन की तैयारी यह साफ संकेत दे रही है कि BCCI शुभमन गिल पर मेहरबान है.

शुभमन गिल क्यों हैं खास खिलाड़ी?

सबसे पहली बात यह है कि शुभमन गिल तीनों फॉर्मेट के बल्लेबाज हैं. वह टेस्ट में धैर्य के साथ खेल सकते हैं, वनडे में पारी को आगे ले जाते हैं और टी20 में जरूरत पड़ने पर तेजी से रन बनाते हैं. मतलब यह कि फॉर्मेट के हिसाब से खुद को ढालने की क्षमता उन्हें बाकी बल्लेबाजों से अलग बनाती है. शुभमन गिल टीम इंडिया के लिए अपने करियर में 2019 से लेकर 2025 तक 134 इंटरनेशनल मैचों में 44.42 की औसत से 6530 रन बना चुके हैं. जिसमें 19 शतक और 26 फिफ्टी शामिल हैं. 

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कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि गिल की बल्लेबाजी में पुरानी टेस्ट क्रिकेट वाली क्लास दिखती है. उनका फुटवर्क संतुलित रहता है और टाइमिंग बेहद शानदार है. मैदान पर वह काफी शांत नजर आते हैं.जब शुभमन गिल आउट होते हैं तो उनकी बॉडी लैंग्वेज स्थिर रहती है, बिल्कुल सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गजों की तरह. यही मानसिक मजबूती उन्हें कप्तानी के लिए भी एक मजबूत विकल्प बनाती है.सबसे खास बात यह है कि शुभमन गिल फिटनेस को लेकर बेहद गंभीर हैं. उनकी फील्डिंग चुस्त रहती है और वह लंबे समय तक मैदान पर ऊर्जा बनाए रखते हैं.

अब जानते हैं वो 5 वजहें, जिनके दम पर उन्होंने हर किसी का दिल जीत रखा है

1. तीनों फॉर्मेट में खुद को साबित किया

शुभमन गिल ने घरेलू क्रिकेट और IPL में शानदार प्रदर्शन किया था. वहां से उनकी पहचान लिमिटेड ओवर के बल्लेबाज के तौर पर बनी, लेकिन टीम इंडिया के लिए तीनों फॉर्मेट में डेब्यू करने के बाद गिल सिर्फ लिमिटेड ओवर के खिलाड़ी नहीं रहे.उन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट में खुद को साबित किया है. BCCI आमतौर पर उन्हीं खिलाड़ियों को प्रमोट करता है, जो मल्टी-फॉर्मेट खिलाड़ी हों और लंबे समय तक टीम का हिस्सा बने रहें. गिल इस कसौटी पर पूरी तरह फिट बैठते हैं.

2. दो फॉर्मेट के कप्तान हैं शुभमन गिल

रोहित शर्मा के बाद शुभमन गिल को टेस्ट और वनडे टीम की कमान सौंपी गई है. इसके अलावा वह टी20 में उपकप्तान की भूमिका भी निभा चुके हैं. दो फॉर्मेट की कप्तानी मिलना इस बात का साफ संकेत है कि बोर्ड उन्हें भविष्य का लीडर मानता है. सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में ग्रेड बढ़ना अक्सर कप्तानी और नेतृत्व की भूमिका से जुड़ा होता है, और गिल इस मोर्चे पर भी पूरी तरह फिट नजर आते हैं.

3. घर और बाहर दोनों जगह किया कमाल

शुभमन गिल ने कम उम्र में ही खुद को घरेलू और विदेशी दोनों परिस्थितियों में साबित किया है. उन्होंने विदेशी दौरों और मजबूत टीमों के खिलाफ अहम पारियां खेली हैं. चाहे टेस्ट में शतक हों या वनडे में बड़े स्कोर, गिल ने दबाव में रन बनाकर खुद को साबित किया है. 2025 के इंग्लैंड दौरे पर वह टीम इंडिया के कप्तान थे. यह सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही थी, जिसमें गिल ने 700 से ज्यादा रन बनाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए. BCCI ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता देता है, जो बड़े मैचों में टीम के काम आएं.

4. फिटनेस दमदार, चोटों से दूरी

शुभमन गिल फिटनेस के मामले में भी बोर्ड की कसौटी पर खरे उतरते हैं. उनका चोटों से ज्यादा वास्ता नहीं रहा है और वह ज्यादातर सीरीज के लिए उपलब्ध रहते हैं. BCCI के लिए यह एक बड़ा फैक्टर होता है, क्योंकि सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट उन्हीं खिलाड़ियों को मिलता है, जो लगातार चयन के लिए उपलब्ध हों.

5. भविष्य की प्लानिंग का अहम हिस्सा

रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों के टेस्ट क्रिकेट से हटने के बाद टीम इंडिया को नए लीडर और मैच विनर की जरूरत है. शुभमन गिल को इसी बदलाव की सबसे मजबूत कड़ी माना जा रहा है.रोहित और विराट अपने करियर के आखिरी दौर में हैं. उनके बाद टीम इंडिया को नए पोस्टर बॉय की तलाश है और इस रेस में शुभमन गिल सबसे आगे नजर आते हैं. यही वजह है कि BCCI उन्हें ऊंचे ग्रेड में रखकर टीम इंडिया की लंबी योजना बनाना चाहता है.

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