ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा लेते हुए।
मंदसौर सहित पूरे अंचल में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
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रविवार रात मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड से बचने के लिए लोग जगह-जगह अलाव जलाते नजर आए। रात और सुबह के समय सड़कों पर हल्का कोहरा भी रहा।
सोमवार सुबह शहर में ठंड के साथ ओस भी देखने को मिली। हालांकि, सूरज निकलने के बाद तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हुई, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली। सुबह के समय तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।


मालवा-निमाड़ में सर्दी का सबसे ज्यादा असर
वर्तमान में मालवा और निमाड़ क्षेत्र में सर्दी का असर सबसे ज्यादा है। इन इलाकों में इंदौर और उज्जैन संभाग के कुल 15 जिले आते हैं। मंदसौर 2.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर बना हुआ है। वहीं, शहडोल जिले का कल्याणपुर 2.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ दूसरे नंबर पर रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, 30 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसका असर मध्य प्रदेश में भी दिखेगा। इसके चलते सर्द हवाएं चलेंगी और ठंड और बढ़ सकती है।
फिलहाल जेट स्ट्रीम भी सक्रिय है। इसका असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में देखा जा रहा है। शनिवार को यह जेट स्ट्रीम जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। रविवार को भी इसकी रफ्तार लगभग इतनी ही रहने की संभावना है।
जेट स्ट्रीम के कारण बढ़ेगी ठंड
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदेश में ठंड बढ़ने की एक मुख्य वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है, जिसकी रफ्तार इस बार 262 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई है।
यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के साथ-साथ यह ऊंची हवा भी सर्दी बढ़ा रही है। जब उत्तर के मैदानी इलाकों से ठंडी हवा और पहाड़ी क्षेत्रों से बर्फीली हवाएं मिलती हैं, तब अत्यधिक ठंड पड़ती है।

