कह देना…बाघ आया था: उमरिया… बांधवगढ़ के बफर जोन में बसे गांव में पहुंचा बाघ, युवक पर हमलाकर घर में घुसा, 6 घंटे खाट पर बैठा रहा… – Umaria News

कह देना…बाघ आया था:  उमरिया… बांधवगढ़ के बफर जोन में बसे गांव में पहुंचा बाघ, युवक पर हमलाकर घर में घुसा, 6 घंटे खाट पर बैठा रहा… – Umaria News



कभी-कभी जंगल का राजा यह याद दिलाने आता है कि यह उसका ही इलाका है। सोमवार को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर जोन के छोटी बेल्दी गांव में कुछ ऐसा ही हुआ। बाघ गांव में घुसा और गोपाल कोल (48) पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।

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इसके बाद वह दुर्गा प्रसाद द्विवेदी के घर में घुस गया। दुर्गा प्रसाद खाट पर सो रहे थे, लेकिन अचानक बाघ को देखकर वे घबराकर उठ खड़े हुए। झपट्टा मारकर बाघ ने उन्हें पीछे धकेल दिया और खुद खाट पर बैठ गया। मौका पाकर दुर्गा प्रसाद दरवाजा खोलकर बाहर निकले। जोर-जोर से पूरे गांव में ‘घर में बाघ… घर में बाघ’ का शोर मचाने लगे।

डर के मारे लोग अपने परिवारों के साथ छतों पर चढ़ गए और सन्नाटा पसर गया। छह घंटे तक वनराज ठाठ से खाट पर बैठे रहे। बांधवगढ़ पार्क की तीन रेंज की टीमें मौके पर पहुंचीं और बाघ को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहीं। अंततः शोर मचाने पर बाघ खेतों की ओर निकल गया।

बांधवगढ़ में 135 बाघ… पिछले 8 माह में 3 लोगों की जान ली

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व भारत के प्रमुख बाघ अभयारण्यों में शामिल है। 2022 की बाघ गणना के अनुसार यहां लगभग 135 बाघ दर्ज किए गए थे। वर्तमान अनुमानों के मुताबिक यह संख्या 160 से अधिक हो सकती है। रिजर्व में कोर और बफर जोन की व्यवस्था बाघ संरक्षण की अनोखी मिसाल मानी जाती है।

बाघों का घनत्व अधिक होने के कारण वे कई बार आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। इसके चलते पिछले 8 महीनों में बाघ-मानव संघर्ष की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इतने ही लोग घायल हुए हैं।



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