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Animal Care Tips: मध्य प्रदेश में सागर के पास एक गांव में पशुपालक की कहानी दूसरे पशुपालकों के लिए प्रेरणा है. किसान 30 साल गाय पालन कर रहे हैं. वह गायों का विशेष ध्यान रखते हैं. लेकिन, कभी उनके पानी पीने के तरीको नहीं बदला. ये विशेष पानी ही गायों की सेहत का राज है. जानें…
Cow Care Tips: सागर से करीब 10 किलोमीटर दूर भोपाल रोड पर स्थित भापेल गांव के किसान को पशुपालन करने का बड़ा शौक है. 30 साल पहले उन्होंने एक देसी गाय से इसकी शुरुआत की थी. आज उनके पास 40 से अधिक गिर, शाहीवाल, थारपारकर नस्ल की गाय हैं. इनके पास 28 साल पुरानी गाय हैं. अब भी वह 6 लीटर दूध रोजाना दे रही है. इसी तरह से अन्य गाय भी हैं, जो काफी तंदुरुस्त हैं. किसान अपनी मवेशियों के स्वस्थ रखने में खान-पान का बड़ा ख्याल रखते हैं. किसान ने करीब एक एकड़ में केवल मवेशियों के लिए घास की व्यवस्था की है.
एक एकड़ में सीजन के हिसाब से गायों की पसंद की अलग-अलग चीजे लगाते हैं. हालांकि, 28 साल से पशुपालन में एक काम ऐसा है, जिसको उन्होंने कभी नहीं बदला. वह है, गायों को पानी पिलाने का तरीका. गायों की तंदुरुस्ती और लंबी उम्र तक जीवन जीने का सीक्रेट इसी पानी में है. दरअसल, किसान गायों को पानी में चूना मिलाकर पिला रहे हैं. इसके लिए उन्होंने अपने घर के बाहर दो बड़े-बड़े हौज बनवा रखे हैं. इसमें हर महीने एक से दो किलो चूना डालते हैं. समय-समय पर इसकी सफाई कर पानी बदलते रहते हैं. यही पानी गाय पीती हैं. जानें इस पानी का राज…
इसी पानी की वजह से बढ़ रहा दूध
किसान श्याम सुंदर ठाकुर बताते हैं, चूने की वजह से एक तो पानी साफ हो जाता है. इसमें जो कैल्शियम होता है, वह भी पानी के माध्यम से मवेशियों के अंदर पहुंच जाता है. उनकी हड्डियां मजबूत होती हैं. इनका बदन गठीला होता है. हड्डियां मजबूत होती है, इसलिए इन्हें भूख भी अच्छी लगती है. जब यह अच्छा और संतुलित आहार खाती हैं तो उस हिसाब से दूध भी पर्याप्त मात्रा में देती हैं. इस तरह का पानी पिलाने से पशुपालक अपने मवेशियों में दूध उत्पादन की क्षमता को बढ़ा सकते हैं. जब सुबह रोजाना पशु जंगल जाते हैं तो पहले यही चूना वाला पानी पीते हुए जाते हैं. जब वापस घर आने के बाद गौशाला में जाते हैं तो उसके पहले भी यही पानी पीते हुए जाते हैं. जानवरों के पानी पीने का ये तरीका 28 साल से चला रहा है, जो कभी नहीं टूटा.
कैल्शियम जरूरी, पर इस बात का रखें ध्यान
सागर में पशु पालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. आरके यादव बताते हैं कि कैल्शियम चाहे इंसानों के लिए हो या पशुओं के लिए, यह बहुत जरूरी होता है. कैल्सियम का सबसे बड़ा स्रोत चूना ही होता है. दूध उत्पादन बढ़ाने अगर पशु चिकित्सा जो लिक्विड में दवा लिखते हैं, वह कैल्शियम से ही जुड़ी होती है. इस तरह का पानी पिलाने से जानवरों की हड्डी मजबूत होती है. दूध भी बढ़ सकता है. लेकिन, यह किस जानवर की बॉडी पर कितना सूट कर रहा है, यह भी देखना पड़ेगा.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें