मैहर से चित्रकूट तक…सतना के प्रमुख मंदिरों के दर्शन से करें शुभ शुरुआत

मैहर से चित्रकूट तक…सतना के प्रमुख मंदिरों के दर्शन से करें शुभ शुरुआत


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Satna News: नए साल के मौके पर अगर आप भीड़भाड़ वाली पार्टियों से दूर आध्यात्मिक सुकून चाहते हैं, तो सतना और मैहर क्षेत्र आपके लिए खास हैं. यहां मंदिरों, आश्रमों और कला-प्रकृति स्थलों पर दर्शन और ध्यान के साथ लोग नए साल में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा की कामना करते हैं.

सतना और मैहर के ये पांच धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल नए साल को सकारात्मकता और विश्वास के साथ शुरू करने का अवसर देते हैं. मंदिरों में दर्शन, प्रकृति के बीच समय और आध्यात्मिक अनुभव मिलकर नववर्ष को यादगार बनाने के लिए काफी है.

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नए साल पर पार्टी कल्चर से अलग लोग अब शांत और आध्यात्मिक स्थलों का रुख कर रहे हैं. सतना-मैहर के मंदिर और प्राकृतिक स्थल न सिर्फ धार्मिक महत्व रखते हैं बल्कि परिवार के साथ सुकून भरा समय बिताने का अवसर भी देते हैं. यही कारण है कि हर साल इन स्थानों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है.

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मैहर का शारदा माता मंदिर नए साल पर आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनता है. त्रिकूट पर्वत पर स्थित इस शक्तिपीठ में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगती हैं. मान्यता है कि यहां माता सती का हार गिरा था और आल्हा आज भी सबसे पहले मां शारदा की पूजा करते हैं. नए साल की शुरुआत करने के लिए यहां भक्तों की भीड़ लगती है.

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चित्रकूट में नया साल बेहद शांत और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया जाता है. श्रद्धालु कामदगिरि परिक्रमा, मंदाकिनी स्नान और भजन-कीर्तन के साथ वर्ष की शुरुआत करते हैं. रामघाट, हनुमान धारा और गुप्त गोदावरी जैसे स्थल इस धार्मिक यात्रा को और भी विशेष बनाते हैं.

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सतना का वेंकटेश मंदिर नए साल पर विशेष पूजन और भंडारे के लिए प्रसिद्ध है. लगभग 150 साल पुराने इस मंदिर की दक्षिण भारतीय वास्तुकला श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है. मान्यता है कि गरुड़ जी को बताई गई मनोकामनाएं सीधे भगवान विष्णु तक पहुंचती हैं.

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रामवन में स्थित विशाल हनुमान प्रतिमा नए साल पर श्रद्धालुओं का प्रमुख आकर्षण रहती है. यहां बजरंगबली का आशीर्वाद लेकर लोग साल की शुरुआत करते हैं. साथ ही पुरातत्व संग्रहालय और मनोरंजन की सुविधाएं इसे परिवारों के लिए एक आदर्श धार्मिक-पिकनिक स्थल बनाती हैं.

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मैहर जिले का आर्ट इचोल नए साल में शांति और रचनात्मकता का अनोखा अनुभव देता है. यहां पुनर्चक्रित सामग्री से बनी कलाकृतियां, कला कार्यशालाएं और प्राकृतिक वातावरण लोगों को आकर्षित करता है. यह स्थान नए साल को सुकून और सादगी के साथ मनाने वालों के लिए खास है.

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सतना और मैहर के ये धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल नए साल को सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक आस्था के साथ शुरू करने का अवसर देते हैं. यहां दर्शन, प्रकृति और कला का संगम न सिर्फ मन को शांति देता है बल्कि पूरे वर्ष के लिए शुभ संकेत भी माना जाता है.

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