Usman Khawaja Racial discrimination Allegations: ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी ओपनर उस्मान ख्वाजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है. सिडनी में ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच पांचवां टेस्ट मैच उनके करियर का आखिरी मुकाबला होगा. ख्वाजा ने अब तक 87 टेस्ट मैच खेले हैं और सिडनी में वह अपने करियर का आखिरी मुकाबला खेलेंगे. ख्वाजा ने अपने विदाई भाषण में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में नस्लीय सोच पर टिप्पणी की है.
जाति और धर्म के नाम पर गलत बर्ताव
ख्वाजा का कहना है कि पूरे करियर में उन्हें पाकिस्तानी मूल और मुस्लिम पहचान उन्हें भेदभाव का शिकार होना पड़ा. उन्हें गलत तरह से आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है. ख्वाजा ने दावा किया कि उनकी जाति और धर्म की वजह से उनके साथ करियर के दौरान अलग तरह का बर्ताव किया गया है. वह 87 टेस्ट की 157 पारियों में 43.39 की औसत से 16 शतक और 28 अर्धशतक लगाते हुए वे 6,206 रन बना चुके हैं. उनका सर्वाधिक स्कोर 232 है.
ख्वाजा को याद आया ‘गोल्फ कांड’
ख्वाजा ने पर्थ टेस्ट से पहले तीन दिन गोल्फ खेलने के लिए हुई आलोचना के बारे में कहा, ”पीठ में ऐंठन की वजह से वह दोनों पारियों में ओपनिंग नहीं कर पाए थे. यह कुछ ऐसा था जिसे मैं नियंत्रित नहीं कर सकता था, जिस तरह से मीडिया और पुराने खिलाड़ी बाहर आए और मुझ पर हमला किया. मैं दो दिन तक इसे झेल सकता था, लेकिन मैंने उसे लगभग पांच दिन तक लगातार झेला.”
ये भी पढ़ें: 15 साल का करियर, 7 बार टीम से ड्रॉप… उस्मान ख्वाजा ने बनाए 6 प्रचंड रिकॉर्ड, ब्रैडमैन के क्लब में नाम
नस्लीय सोच बड़ा हुआ हूं: ख्वाजा
ख्वाजा ने कहा, ”ये वही नस्लीय सोच हैं जिसके साथ मैं अपनी पूरी जिंदगी बड़ा हुआ हूं. जाहिर है, हम उनसे पूरी तरह आगे नहीं बढ़ पाए हैं, क्योंकि मैंने पहले कभी ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट टीम में किसी के साथ ऐसा बर्ताव होते नहीं देखा. उन बेकाबू लोगों के लिए नहीं जिस तरह से तुम लोगों ने मुझ पर हमला किया.” ख्वाजा ने जनवरी 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ पहला टेस्ट मैच खेला था. इसके बाद 2013 में श्रीलंका के खिलाफ पहला वनडे और 2016 में भारत के खिलाफ पहला टी20 इंटरनेशनल खेला था.
ये भी पढ़ें: वो 10 क्रिकेटर, जो वक्त से पहले संन्यास नहीं लेते तो कर देते रिकॉर्ड की बारिश, रोहित-विराट जैसा होता कद
ख्वाजा का अगला लक्ष्य
ख्वाजा ने कहा, “अभी भी थोड़ा बहुत है, जिससे मुझे हर दिन लड़ना पड़ता है, जो मेरे लिए सबसे निराशाजनक बात है. मैं आपको ऐसे अनगिनत लोगों के बारे में बता सकता हूं जिन्होंने (टेस्ट से) एक दिन पहले गोल्फ खेला हो और चोटिल हो गए हों, लेकिन उनके बारे में कुछ नहीं कहा गया. मैं आपको और भी ऐसे लोग बता सकता हूं जिन्होंने पिछली रात 15 स्कूनर खाए हों और फिर चोटिल हो गए हों, लेकिन किसी ने एक शब्द भी नहीं कहा. मैं समझता हूं कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में जगह बनाना मुश्किल है. 11 जगहें हैं. यह आसान नहीं है और हम लोगों को बस जगहें गिफ्ट नहीं करना चाहते. अभी भी चुनौतियों का सामना करना बाकी है. मैं ‘अगले उस्मान ख्वाजा’ की जिंदगी आसान बनाना चाहता हूं.”