एसआईआर के दूसरे चरण की रफ्तार बहुत ही धीमी है। ग्यारह दिन गुजरने के बाद भी जिले के 1935 बीएलओ सिर्फ 1500 नो मैपिंग वाले वोटरों तक नोटिस पहुंचा सके हैं। मतलब औसत एक बीएलओ पर एक से भी कम है। ग्वालियर विधानसभा में तो यह काम अभी चालू ही नहीं हुआ है।
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कारण कड़ाके की ठंड या फिर अफसरों की सुस्त हो रही मॉनिटरिंग को माना जा रहा है। वहीं काम को रफ्तार देने के लिए शुक्रवार को संभाग आयुक्त व रोल प्रेक्षक मनोज खत्री ने राजनैतिक दल, रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में आयुक्त खत्री ने कांग्रेस-भाजपा नेताओं से आगे के काम में सहयोग मांगा।