झाबुआ जिले में मौसम ने अचानक करवट ली है। पिछले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पूरा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है। रविवार की रात इस जनवरी माह की सबसे ठंडी रात रही, जिसका असर सोमवार सुबह स्पष्ट रूप
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मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस था, जो शनिवार को 13.4 डिग्री, रविवार को 12.4 डिग्री और सोमवार सुबह तक लुढ़क कर 8.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इससे पहले पिछले माह 19 दिसंबर को 7.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था।
रात के तापमान के साथ-साथ दिन के तापमान में भी कमी आई है। दो महीने के लंबे अंतराल के बाद अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। सोमवार सुबह चली बर्फीली हवाओं के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त नजर आया।
लोग देरी से घरों से बाहर निकले, जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जो लोग आवश्यक काम से बाहर निकले, वे भारी ऊनी कपड़ों, मफलर और जैकेट में लिपटे दिखाई दिए। ठंड से बचने के लिए जगह-जगह लोग अलाव तापते नजर आए।

बढ़ती ठंड का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ा। सुबह की पाली में स्कूल जाने वाले बच्चों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। पेटलावद में अभिभावक अपने बच्चों को पूरी सावधानी के साथ गर्म कपड़ों में पैक कर स्कूल छोड़ने पहुंचे।
मौसम के बदलते मिजाज ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। जिले में गेहूं और चने की फसलें अभी विकास के चरण में हैं। किसानों का कहना है कि फसलों के लिए ठंड तो ठीक है, लेकिन साथ में अच्छी धूप का निकलना भी बेहद जरूरी है। यदि बादल छाए रहे और धूप नहीं खिली, तो पैदावार पर विपरीत असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे दिन और रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। प्रशासन ने लोगों को ठंड से बचने और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी है।