भिंड के गोहद नगर पालिका परिषद में पदस्थ एआरआई को लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने नगर पालिका के कार्यक्रम में लगाए गए टेंट के भुगतान को अटकाकर व्यवसायी से अवैध राशि की मांग की थी। लोकायुक्त ने ट्रैप कार्रवाई कर 20 हजार रुपए लेते ही उसे दबोच लिया। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार फरियादी 45 वर्षीय नसीर उर्फ बबलू खान पिता बशीर खान, निवासी इटायली गेट थाना गोहद है, जो टेंट हाउस का व्यवसाय करता है। फरियादी ने नगर पालिका के एक कार्यक्रम में टेंट लगाने का कार्य किया था, जिसका कुल बिल लगभग 3 लाख 50 हजार रुपए था। इसमें से 97 हजार रुपए का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ था। फरियादी का आरोप है कि गोहद नगर पालिका में एआरआई पद पर पदस्थ 40 वर्षीय अवधेश यादव पिता मोतीलाल यादव, निवासी छैंकुर हनुमान मंदिर, वार्ड क्रमांक 12 गोहद, द्वारा जानबूझकर भुगतान रोका जा रहा था। कलेक्टर से शिकायत की, फिर भी सुनवाई नहीं
फरियादी ने पहले इस मामले की शिकायत सीएमओ, एसडीएम और कलेक्टर से की, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि इसके बाद एआरआई अवधेश यादव ने भुगतान के एवज में 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी, जो बाद में 20 हजार रुपए में तय हुई। दो बार लोकायुक्त कार्यालय गया फरियादी
जानकारी के अनुसार, नसीर खान 22 दिसंबर को लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर कार्यालय शिकायत दर्ज कराने पहुंचा, लेकिन अधिकारी उपलब्ध न होने से लौटना पड़ा। इसके बाद 31 दिसंबर को उसने विधिवत शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त टीम ने टेप रिकॉर्डर देकर शिकायत की सत्यता की जांच कराई, जिसमें रिश्वत मांग की पुष्टि हुई। इसके बाद एफआईआर दर्ज कर ट्रैप की योजना बनाई गई। नपा परिसर में ली रिश्वत
सोमवार दोपहर करीब तीन बजे फरियादी नसीर खान गोहद नगर पालिका कार्यालय पहुंचा। एआरआई नगरपालिका परिसर में बनी पानी की टंकी के पास उससे मिला। फरियादी ने पहले से केमिकल लगे 20 हजार रुपए आरोपी को दिए। रुपए हाथ में लेते ही मौके पर मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी और फरियादी को गोहद थाने ले जाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई। इस ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व लोकायुक्त डीएसपी विनोद कुशवाह ने किया। टीम में टीआई केपीएस बेन, हेमंत शर्मा, देवेंद्र पवैया, प्रशांत कुशवाह, विनोद शाक्य, सुरेंद्र, विशंभर और रवि शामिल रहे। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
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