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Jabalpur Ramayan Conference: जबलपुर में रामायण सम्मेलन के लिए वियतनाम के प्रोफेसर फान आन तू पहुंचे हैं. वह वियतनाम में बच्चों को राम-सीता के प्रेम के बारे में पढ़ाते हैं. उनका कहना है कि रामायण सातवीं सदी में वियतनाम पहुंच चुकी थी और आज भी वहां पढ़ाई जाती है.
जबलपुर. मध्यप्रदेश के जबलपुर में वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस रामायण का आयोजन किया जा रहा है. जिसको लेकर वियतनाम के प्रोफेसर डॉ फ़ान आन तू जबलपुर शहर पहुंचे हुए हैं. जो वियतनाम में एनसीएंट कल्चर जैसे जावा और ओनाम के साथ ही रामायण को लेकर रिसर्च कर रहे हैं. इतना ही नहीं डॉ. फान पेशे से प्रोफेसर हैं, जो वियतनाम की यूनिवर्सिटी ऑफ़ सोशल साइंस एंड ह्यूमैनिटी में रामायण भी पढ़ाते हैं.
उन्होंने बताया, ‘फ्रेंड से वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस रामायण की जानकारी लगी थी. वैसे मैं रामायण इन वियतनाम को लेकर रिसर्च कर रहा हूं. इसलिए यह वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस मेरे लिए काफी अच्छा है. जिससे मैं रामायण से बेहतर कनेक्ट हो सकूंगा और वियतनाम में आगे चलकर रिसर्च करने में काफी मदद भी मिलेगी.’ उन्होंने आगे बताया कि रिसर्च में यह भी जानकारी लगी कि वियतनाम देश में सातवीं शताब्दी में ही रामायण आ चुकी थी. यही कारण हैं वियतनाम के कई समुदाय इंडियन कल्चर को काफी पसंद भी करते हैं.
वियतनामी लैंग्वेज में पढ़ाते हैं रामायण
डॉ फान ने बताया यूनिवर्सिटी में वियतनामी लैंग्वेज में ही रामायण को पढ़ाते हैं. वियतनाम में एक थिएटर ग्रुप रामायण को परफॉर्म भी करता है. रामायण को काफी बारीकी से समझा है. राम और सीता का प्यार ही रामायण है. जहां श्रीराम और सीता का प्रेम काफी अद्भुत है, जहां दोनों के बीच का प्रेम सीखा हैं. वियतनाम में श्री राम और सीता की वेडिंग एनिवर्सरी को सेलिब्रेट भी किया जाता है. जहां रामायण के कैरेक्टर्स हनुमान और रावण भी होते हैं.
उन्होंने बताया, ‘वियतनाम में रामायण को केमिया भाषा में रेमके कहा जाता है. केमिया समुदाय वियतनाम में माइनॉरिटी समुदाय है, लेकिन मॉर्डन डेज में रेमके को रामायण भी कहा जाने लगा है. रेमके, रामायण में किस तरीके से तब्दील हो गया, इसे ही यूनिवर्सिटी में पढ़ता हूं और रिसर्च भी कर रहा हूं. जबलपुर शहर आकर काफी अच्छा लग रहा है. इंडियन कल्चर काफी अच्छा कल्चर है.’
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Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें