कब शुरू होगा भारत का सबसे बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट ISL? खेल मंत्री ने किया तारीखों का ऐलान

कब शुरू होगा भारत का सबसे बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट ISL? खेल मंत्री ने किया तारीखों का ऐलान


Indian Super League Start Date: भारतीय फुटबॉल के लिए एक बड़ी खबर आई है. खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार (6 जनवरी) को एक बड़ा ऐलान किया. उन्होंने बताया कि इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 14 फरवरी को फिर से शुरू होगी. इसमें सभी 14 क्लब हिस्सा लेंगे. इससे भारत की टॉप-टियर फुटबॉल प्रतियोगिता को लेकर हफ्तों से चली आ रही अनिश्चितता खत्म हो गई है. खेल मंत्री ने बताया है कि पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान और ईस्ट बंगाल भी इस सीजन का हिस्सा होंगे.

14 क्लबों के साथ बैठक

आईएसएल एक कमर्शियल पार्टनर की कमी और चल रहे कानूनी मामलों के कारण रुकी हुई थी, जिससे यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि क्या यह सीजन आगे बढ़ेगा? यह गतिरोध सरकार, ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) और 14 आईएसएल क्लबों के प्रतिनिधियों के बीच एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद सुलझा लिया गया. मंडाविया ने कहा, “आईएसएल को लेकर बहुत सारी अटकलें थीं, लेकिन आज सरकार, फुटबॉल फेडरेशन और सभी 14 क्लबों की एक बैठक हुई और हमने फैसला किया है कि लीग 14 फरवरी को शुरू होगी. सभी क्लब इसमें हिस्सा लेंगे.” 

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ये टीमें टूर्नामेंट में लेंगी हिस्सा

आईएसएल के आगामी सीजन में मोहन बागान, ईस्ट बंगाल, मोहम्मडन एफसी, केरल ब्लास्टर्स, एफसी गोवा, मुंबई सिटी एफसी, चेन्नईयिन एफसी, एससी दिल्ली, बेंगलुरु एफसी, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी, जमशेदपुर एफसी, ओडिशा एफसी और इंटर काशी की टीमें हिस्सा लेंगी. AIFF के अध्यक्ष कल्याण चौबे बैठक में मौजूद थे. उन्होंने प्रतियोगिताओं के लिए संरचना और वित्तीय ढांचे की रूपरेखा बताई.

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टूर्नामेंट में मैच और फॉर्मेट

आईएसएल एक सिंगल-लेग होम-एंड-अवे फॉर्मेट में स्विस मॉड्यूल सिस्टम के तहत खेली जाएगी. इसमें 91 मैच हों. कल्याण चौबे ने कहा कि लॉजिस्टिक्स की योजना अभी भी चल रही है. उन्होंने आगे कहा कि आई-लीग को भी आईएसएल के साथ लगभग उसी समय शुरू किया जाएगा. दूसरी-टियर प्रतियोगिता में सभी 11 क्लब शामिल होंगे और यह एक छोटा सीजन होगा, जिसमें 55 मैच होंगे.

कहां से आएगा पैसा?

लीगों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए 25 करोड़ रुपये का एक केंद्रीय पूल बनाया गया है. कल्याण चौबे ने कहा, “इस फंड का दस प्रतिशत AIFF से आएगा. तीस प्रतिशत एक कमर्शियल पार्टनर से आना था, लेकिन चूंकि अभी हमारे पास कोई नहीं है, इसलिए AIFF उस योगदान में मदद करेगा. कुल मिलाकर जब तक हमें कोई कमर्शियल पार्टनर नहीं मिल जाता, तब तक AIFF आईएसएल के लिए 14 करोड़ रुपये और आई-लीग के लिए लगभग 3.2 करोड़ रुपये देगा.”

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भविष्य पर फोकस

AIFF के अध्यक्ष ने बताया कि भविष्य में दोनों लीग की देखरेख के लिए एक गवर्निंग काउंसिल बोर्ड भी बनाया जाएगा. इस बॉडी को कमर्शियल फैसले लेने का अधिकार होगा, जिसका मकसद ज्यादा प्रशासनिक स्पष्टता और वित्तीय स्थिरता देना है. साथ ही क्लबों को स्पॉन्सरशिप और रेवेन्यू पर ज्यादा कंट्रोल देना है. मंडाविया ने कहा कि कानूनी अनिश्चितता देरी का मुख्य कारण थी. उन्होंने कहा, ”कुछ कोर्ट केस की वजह से आईएसएल अधर में लटकी हुई थी. हालांकि, हम सभी स्टेकहोल्डर्स से बात करने में कामयाब रहे और मामला सुलझ गया है. यह माननीय प्रधानमंत्री का विजन है कि भारत में खेल को नुकसान नहीं होना चाहिए.”



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