मुरैना21 घंटे पहले
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- लॉयंस क्लब वेस्ट की ओर से आयोजित शिविर में की गई 200 लोगों की आंखों की जांच
मनुष्य के जीवन को आंखें रोशन करती हैं। अच्छा जीवन जीने के लिए स्वस्थ्य आंखों का होना जरूरी है। अगर आंखें नहीं होंगी तो संसार का आनंद नहीं मिलेगा तथा जीवन में अंधेरा छा जाएगा। इसलिए 40 वर्ष की उम्र होने पर किसी भी व्यक्ति को आंखों के प्रति लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। समय-समय पर नेत्र चिकित्सक से आंखों का परीक्षण कराते रहना चाहिए।
यह बात लॉयंस क्लब वेस्ट द्वारा आयोजित नेत्र परीक्षण शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शहर की वरिष्ठ डॉ रितु राठी कह रहीं थीं। शिविर को आयोजन नैनागढ़ रोड स्थित काली माता मंदिर के पास किया गया। वहीं शिविर शुभारंभ रविवार को सुबह 10 बजे हुअा। दोपहर 2 बजे तक चले इस शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ जतिन गर्ग एवं उनकी टीम ने 200 मरीजों की आंखों का परीक्षण किया। जांच के बाद आयोजकों ने मरीजों को नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराई तथा जरूरतमंद को चश्में भी प्रदान किए गए। जांच के दौरान 10 मरीजों में मोतियाबिंद की शिकायत पाई गई।
जिनके ऑपरेशन आगामी दिनों में रतन परिवार स्वास्थ्य हॉस्पीटल में किया जाएगा। शिविर के आयोजन में क्लब की अध्यक्ष सपना बंसल, डॉ एकता डंडोतिया, खेमचंद मित्तल, मनोज सिंघल, मनोज अग्रवाल, अमित गुप्ता, विवेक मित्तल, संदीप श्रीवास्तव, डिंपल गर्ग, प्रमोद सिंघल, अशोक बंसल, सुरेश गुप्ता, संजय गोयल, अनुराधा शर्मा, माधव गोयल, श्यामसुंदर अग्रवाल, इकबाल गौरी, राजेश गुप्ता आदि का विशेष सहयोग रहा।
आंखों का इस तरह रखें ख्याल
- आंखों को नियमित साफ पानी से धोएं ताकि धूल, मिट्टी से होने वाले इंफेक्शन से आंखों को बचाया जा सके।
- आंखोें में खुजली होने पर उसे रगड़े नहीं केवल पानी धोएं।
- आंखों में कोई परेशानी होने से बाजार के ड्रॉप न डालें, बल्कि नेत्र चिकित्सक की सलाह लें।
- प्रत्येक व्यक्ति को अपना अलग चश्मा रखना चाहिए परिवार के किसी भी व्यक्ति के चश्में का उपयोग न करें।
- धुंधला दिखाई देना, रोशनी के चारों ओर गोल घेरा दिखाई देना, फके रंग दिखाई देना मोतियाबिंद के लक्षण हैं।