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Gardening Tips: अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में हमेशा ताजी हरी सब्जियां उपलब्ध रहें और रोज-रोज बाजार जाने की झंझट खत्म हो जाए, तो जनवरी का महीना इसके लिए सबसे उपयुक्त है. इस समय मौसम न तो ज्यादा ठंडा होता है और न ही ज्यादा गर्म, जिससे कई सब्जियों की खेती आसानी से की जा सकती है. जानें टिप्स… (रिपोर्ट: आशीष पांडेय)
जनवरी का महीना हरी धनिया उगाने के लिए सबसे अच्छा होता है. इस मौसम में लगाया गया धनिया जल्दी बढ़ता है. लंबे समय तक पत्तियां देता है. धनिया उगाने के लिए सबसे पहले साबुत धनिया के दानों को बेलन या हाथ से हल्का तोड़ लें, ताकि वे दो हिस्सों में बंट जाएं. इसके बाद इन बीजों को 8 से 10 घंटे पानी में भिगो दें, जिससे अंकुरण जल्दी होता है.

अब 6 से 8 इंच गहरा, चौड़े मुंह वाला गमला या ट्रे लें, जिसमें नीचे पानी निकलने का छेद हो. इसमें भुरभुरी मिट्टी भरें, जिसमें बगीचे की मिट्टी, गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट और थोड़ी रेत मिली हो. बीजों को मिट्टी की सतह पर बिखेर दें और ऊपर से हल्की मिट्टी डालकर पानी का छिड़काव करें. गमले को हल्की धूप वाली जगह रखें और ज्यादा पानी न दें. 7 से 10 दिनों में पौधे निकलने लगते हैं और 2 से 3 हफ्तों में धनिया कटाई के लिए तैयार हो जाती है. जरूरत के अनुसार पत्तियां काटते रहें, इससे आपको बार-बार बाजार से धनिया लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

भिंडी की खेती या घर पर भी लगाना जनवरी के बाद शुरू की जा सकती है. खासकर जब पाले का असर कम होने लगे. भिंडी के बीज बोने से पहले 12 से 24 घंटे पानी में भिगोना चाहिए. खेत या गमले की मिट्टी को अच्छी तरह भुरभुरा करें और उसमें गोबर की खाद मिलाएं.
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बीजों को 1 से 1.5 सेंटीमीटर गहराई पर बोएं. लाइन से लाइन की दूरी 30 से 45 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 12 से 30 सेंटीमीटर रखें. हल्की सिंचाई करें ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे. सही देखभाल करने पर 40 से 45 दिनों में भिंडी के फल आने लगते हैं.

सर्दियों के समय पर भी आप घर पर खीरा उगा सकते हैं. खीरा घर पर उगने के लिए एक बेहतरीन सब्जी है. इसे धूप वाली जगह पर लगाना चाहिए, जहां मिट्टी की जल निकासी अच्छी हो. मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए उसमें गोबर की खाद या कम्पोस्ट मिलाएं. बीजों को लगभग 1 इंच गहराई पर बोएं और नियमित रूप से पानी देते रहें.

खीरे की बेल को बढ़ने के लिए सहारे की जरूरत होती है, इसलिए जाली या डंडे का सहारा देना जरूरी है. हर 15 दिन में जैविक खाद या तरल खाद देने से पौधे स्वस्थ रहते हैं. खीरे की फसल 40 से 50 दिनों में मिलने लगती है और लंबे समय तक फल देती रहती है.

भिंडी की फसल पूरे साल उगाई जाती है और यह मैलवैसीआई प्रजाति से संबंधित है. इसका मूल स्थान इथीओपिया है. यह विशेष तौर पर उष्ण और उपउष्ण क्षेत्रों में उगाई जाती है. भारत में भिंडी उगाने वाले मुख्य प्रांत उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिमी बंगाल और उड़ीसा हैं. भिंडी की खेती विशेष तौर पर इसे लगने वाले हरे फल के कारण की जाती है. इसके सूखे फल और छिल्के को कागज़ उदयोग में और रेशा (फाइबर) निकालने के लिए प्रयोग किया जाता है. भिंडी विटामिन, प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य खनिजों का मुख्य पाए जाते हैं.