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Sidhi News: बीना लोकल 18 को बताती हैं कि ड्रीम स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया. पहले वह घूंघट में रहती थीं और घर में सिलाई-बुनाई का काम करती थीं लेकिन आज वह भोपाल, अमरकंटक, इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में जाकर अपने प्रोडक्ट बेच पा रही हैं.
सीधी. मध्य प्रदेश के सीधी शहर की बीना जायसवाल आज पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गई हैं. बिना किसी औपचारिक शिक्षा के उन्होंने अपने हुनर और मेहनत से कबाड़ को सोना में बदल दिया. वेस्ट सामान से टेडी बेयर का कारोबार शुरू कर आज उनका सालाना टर्नओवर लाखों रुपये तक पहुंच चुका है. बीना जायसवाल ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि नगर के विभिन्न पार्कों में संदर्यीकरण कर कबाड़ से जुगाड़ के माध्यम से कृत्रिम पेड़ बनाए हैं. इसके अलावा पुराने मटकों से महिला और पुरुष की मूर्तियां तैयार की हैं और वह नगर के जन जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका भी निभा रही हैं. वह प्लास्टिक से पावदान, थर्माकोल से लैंप और नारियल के खोल को पेंट कर हैंगिंग पॉट भी बनाती हैं. इन प्रयासों से शहर में बढ़ते कचरे और प्रदूषण की समस्या का समाधान करने में भी मदद मिल रही है.
बीना जायसवाल का उद्यम सिर्फ उनकी जिंदगी बदलने तक सीमित नहीं है. उनकी ड्रीम स्वयं सहायता समूह में 10 से अधिक महिलाएं काम कर रही हैं, जिनमें कई ग्रेजुएट भी शामिल हैं. इससे महिलाओं को न केवल रोजगार और आत्मनिर्भरता मिली है बल्कि वे पर्यावरण संरक्षण में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं.
आज बीना जायसवाल का नाम सीधी के उन गिनी-चुनी महिलाओं में शुमार है, जिन्होंने सामाजिक और पर्यावरणीय बदलाव की दिशा दिखाई है. उनका प्रयास यह संदेश देता है कि कचरे में भी सुनहरे अवसर छिपे हो सकते हैं. बीना बताती हैं कि ड्रीम स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई. पहले वह घूंघट में रहती थीं और घर में सिलाई-बुनाई का काम करती थीं लेकिन आज वह अमरकंटक, भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में जाकर अपने प्रोडक्ट बेच रही हैं.
एक लाख रुपये सालाना कमाई
बीना ने आगे बताया कि आज उन्हें सालाना लगभग एक लाख रुपये का मुनाफा हो जाता है. इससे बच्चों की पढ़ाई अच्छी हो रही है, घर की स्थिति सुधर गई है और सबसे बड़ी बात यह है कि अब उन्हें आत्मसम्मान और आत्मविश्वास के साथ जीने का भरोसा मिला है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.