MP की सियासी लड़ाई बच्चों पर आई! भाजपा विधायक बोले… हिंदू तीन बच्चे पैदा करें, कांग्रेस ने कहा… बेकार की बात

MP की सियासी लड़ाई बच्चों पर आई! भाजपा विधायक बोले… हिंदू तीन बच्चे पैदा करें, कांग्रेस ने कहा… बेकार की बात


Bhopal News: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के ‘हिंदुओं को दो से अधिक बच्चे पैदा करने’ वाले बयान पर सियासत गरमा गई है. मध्य प्रदेश में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का बयान फिर चर्चा में है. उन्होंने मोहन भागवत के बयान का समर्थन करते हुए हिंदुओं को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने की सलाह दे डाली है.

विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, तीन बच्चे होना कोई अपराध नहीं है, बल्कि जरूरी है. उन्होंने चिंता जताई कि कई हिंदू परिवारों में बच्चे नहीं हो रहे हैं, युवा देर से शादी कर रहे हैं, जिससे हिंदू परिवारों की पीढ़ियां खत्म हो रही हैं. आगे कहा, जो लोग 5 से 25 बच्चे पैदा कर रहे हैं, उनसे हिंदुस्तान को बचाना होगा.

ये बेकार की बातें…
वहीं, विधायक रामेश्वर शर्मा के इस बयान पर कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने तीखा पलटवार किया है. उन्होंने इसे ध्यान भटकाने वाली बात बताया. कहा, भाजपा और संघ के लोग खुद शादी नहीं करते, और जो करते हैं वे पत्नी छोड़ देते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा के कितने बड़े नेता मुस्लिम महिलाओं से शादी कर चुके हैं? पीसी शर्मा ने कहा, ये केवल बेकार की बातें हैं. पहले मौजूदा बच्चों को नौकरी दो, क्योंकि नौकरियां खत्म की जा रही हैं.

पूर्व मंत्री ने लगाया आरोप
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि पूरी भाजपा और आरएसएस घर-घर जाकर ऐसी बातें फैला रही है, लेकिन जनता सब जानती है. इसके अलावा, पीसी शर्मा ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र किया और कहा कि भारत सरकार कुछ नहीं कर रही.

क्या था मोहन भावगत का बच्चे वाला बयान?
भागवत ने कहा है कि देश को आज के हिसाब से जनसंख्या नीति की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जनसंख्या विज्ञान कहता है कि जब किसी समाज की जन्म दर 2.1 से नीचे चली जाती है, तो वह समाज खत्म हो जाता है. वह समाज तब भी खत्म हो जाता है जब कोई संकट नहीं होता. इस तरह से कई समाज और भाषाएं खत्म हो गई हैं. भागवत ने कहा कि जनसंख्या जन्म दर 2.1 से नीचे नहीं जानी चाहिए यदि हम इससे अधिक दर चाहते है तो हमें हर परिवार में दो से अधिक बच्चों की जरूरत है. ऐसे में हर परिवार में तीन बच्चों पर जोर देना चाहिए.

यह विवाद जनसंख्या नियंत्रण और धार्मिक ध्रुवीकरण के मुद्दे को फिर से गरमा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बयान सामाजिक तनाव बढ़ा सकते हैं, जबकि बेरोजगारी और अंतरराष्ट्रीय संबंध जैसे मुद्दे अनसुलझे रहते हैं. भाजपा ने शर्मा के बयान पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, जबकि कांग्रेस ने इसे सांप्रदायिक बताया है.



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