विदिशा ओवरब्रिज सुसाइड केस में युवक की पहचान: मिर्गी से परेशान था, हलवाई का काम करता था – Vidisha News

विदिशा ओवरब्रिज सुसाइड केस में युवक की पहचान:  मिर्गी से परेशान था, हलवाई का काम करता था – Vidisha News



विदिशा में बुधवार को ओवरब्रिज के नीचे फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले युवक की गुरुवार को पहचान हो गई। मृतक का नाम राकेश था, जो करैयाखेड़ा रोड स्थित वैष्णो देवी माता मंदिर के पास रहता था। वह पेशे से हलवाई का काम करता था और मिर्गी की बीमारी से परेशान थ

.

वीडियो सामने आने के बाद उसके परिचित मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां शव देखकर उसकी शिनाख्त की गई। परिचितों के अनुसार, राकेश पिछले करीब पांच वर्षों से पीतल मिल इलाके में एक नाश्ते के ठेले पर हलवाई का काम कर रहा था।

बताया गया है कि राकेश मिर्गी की बीमारी से पीड़ित था और उसे अक्सर दौरे पड़ते थे। कई बार वह अचानक बेहोश होकर गिर जाता था, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगा था। मृतक अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिनमें एक बड़ी बेटी और एक छोटा बेटा शामिल हैं। उसकी ससुराल मोहन गिरी इलाके में बताई जा रही है। यह घटना बुधवार सुबह की है।

गमछे का फंदा बनाकर आत्महत्या की थी रामद्वारे की ओर से ओवरब्रिज पर चढ़ रहे लोगों ने सीढ़ियों के पास युवक को फांसी के फंदे पर लटका देखा। युवक ने सीढ़ियों की रेलिंग से गमछे का फंदा बनाकर आत्महत्या की थी। सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवाया।

पुलिस को मृतक की जेब से एक पर्ची भी मिली है, जिसमें बीमारी से परेशान होने का उल्लेख किया गया है। सिविल लाइन पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

हैरानी की बात यह है कि परिचितों द्वारा पहचान बताए जाने के बाद भी मृतक की पत्नी न तो पुलिस के पास पहुंची और न ही मेडिकल कॉलेज आई। पुलिस शिनाख्त के लिए काफी देर तक परेशान होती रही। बाद में जब पुलिस मृतक के घर पहुंची तो वहां ताला लगा मिला।

स्वेटर से पहचाना था शव परिचितों ने बताया कि बुधवार को वीडियो देखकर उन्होंने राकेश को उसके स्वेटर से पहचाना था। जब वे उसके घर पहुंचे तो पत्नी ने बताया कि राकेश तीन दिन पहले गांव गया था। पर परिचित स्वेटर के कारण मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां शव देखकर पुष्टि हो गई कि मृतक राकेश ही है।

इसके बाद उन्होंने पत्नी को जानकारी दी, लेकिन इसके बावजूद वह न तो पुलिस के पास पहुंची और न ही मेडिकल कॉलेज आई। गुरुवार दोपहर तक मृतक की पत्नी के सामने न आने से मामला संदेहास्पद भी नजर आ रहा है। पुलिस इस पहलू को भी ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।



Source link