Success Story: भाई ने सिखाया एक रुपये वाला काम, अब बहन कमा रही रोज 1000, हुनर देख दुनिया हैरान!

Success Story: भाई ने सिखाया एक रुपये वाला काम, अब बहन कमा रही रोज 1000, हुनर देख दुनिया हैरान!


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Success Story: आमतौर पर धान खरीदी केंद्रों पर महिलाएं कम ही काम करते नजर आती हैं. लेकिन, बालाघाट की संगीता बाई जो कर रही हैं, वह सभी को हैरान करने वाला है. भाई ने उन्हें जो काम सिखाया आज उसी के दाम पर वह अपना परिवार पाल रही हैं. जानें कहानी…

Balaghat News: मध्य प्रदेश के बालाघाट को ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है. बीते 1 दिसंबर से प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो चुकी है. किसानों के लिए यह समय पर्व जैसा है. जब 6 महीने तक किसान खेतों में काम करते हैं, तब वह अपनी फसल धान खरीदी केंद्रों तक ले जाते और उसे बेचते हैं. इसे बेचकर वह खेती लिए कर्ज चुकाते और जरूरतों की चीजें खरीदते हैं.

ये सिर्फ किसानों के लिए ही नहीं, उन मजदूरों के लिए भी खास मौका होता है, जो इस काम से जुड़े हैं. कोई धान के बोरे ढोता है तो कोई सिलाई कर कमाई करता है. इनमें से ज्यादातर कामगार पुरुष होते हैं, लेकिन संगीता बाई पुरुषों के बराबर काम करती हैं. उन्हें देख लोग हैरान हैं. संगीता धान खरीदी केंद्र खरखड़ी में बोरों की सिलाई करती हैं. आज वह एक सफल महिला हैं. लेकिन, यहां तक पहुंचना आसान नहीं था. जानें कहानी…

सालों से कर रही काम
आमतौर पर धान खरीदी केंद्रों पर महिलाएं कम ही काम करती नजर आती हैं. लेकिन, संगीता बाई 11 साल से धान खरीदी केंद्रों पर धान के बोरों में सिलाई लगाने का काम कर रही हैं. वह मशीन से बोरों की सिलाई करती हैं. दिन भर में करीब 1000-1500 बोरों में सिलाई कर लेती हैं. ऐसे में धान खरीदी केंद्रों में आ रहे किसान हैरान हो जाते हैं. उनके परिवार में उनकी दो बिटिया, पति और सास-ससुर हैं. इस काम से परिवार का पालन पोषण करती हैं.

भाई ने सिखाया काम, बहना बनी आत्मनिर्भर
धान के बोरों में सिलाई लगाने का काम संगीता के भाई श्रीखंड ने उन्हें सिखाया. दरअसल, वह साल 2010 से धान खरीदी केंद्रों पर काम कर रहे हैं. इसके बाद उन्होंने धान के बोरों की मशीन चलाना, धागा लगाना और इसके बारे में बहन को सिखाया. अब उनकी बहन संगीता इसमें माहिर हो चुकी हैं. अब वह एक दशक से ज्यादा समय से काम कर रही हैं.

कमाई से चल रहा परिवार
संगीता ने बताया, इस काम से वह महज 45 दिन में 50 हजार से ज्यादा की कमाई कर लेती हैं. इससे वह परिवार की जरूरतें पूरी करती हैं. उन्होंने बेटी की शादी भी की है. सीजन खत्म होने के बाद वह खेती के काम और कहीं मजदूरी करने जाती हैं. इस तरह उन्हें काम करते देख लोग हैरान रह जाते हैं.

अब पैसे बढ़ाने की डिमांड
धान के बोरों में सिलाई के लिए 1 रुपये प्रति बोरा पैसे लिए जाते हैं. 10 साल साल से इतना ही पैसा मिल रहा है. वहीं, दूसरे राज्यों के सस्ते मजदूर लाकर इसमें मजदूरी और कम कर दी जाती है. ऐसे में स्थानीय लोग चाहते हैं कि इस काम की मजदूरी बढ़ाई जाए.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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