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rahane on harshit rana KKR के कप्तान ने यह भी बताया कि हर्षित आलोचनाओं से निपटने के लिए खुद को एक खास ‘ज़ोन’ में ले जाते हैं. वह अपना पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर लगाते हैं और यहां तक कि अभ्यास के दौरान भी हर्षित बाहरी शोर से खुद को अलग रखना पसंद करते हैं.
नई दिल्ली. हर्षित राणा को जितनी आलोचना और गाली-गलौज का सामना करना पड़ा है, उतना शायद ही किसी और क्रिकेटर को करना पड़ा हो. इस तेज़ गेंदबाज़ ने नवंबर 2024 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था. अपनी क्षमता को देखते हुए हर्षित को तीनों फॉर्मेट में डेब्यू कैप सौंपी गई हालांकि अभी भी कच्चे माने जाने वाले 24 वर्षीय हर्षित ने दुनिया को पूरी तरह चौंका नहीं दिया है.
कभी-कभार झलकियों में हर्षित राणा ने दिखाया है कि वह क्या कर सकते हैं. वनडे क्रिकेट में उनके आंकड़े गेंद और बल्ले दोनों से काफी अच्छे हैं. यह साफ है कि टीम मैनेजमेंट उन्हें लंबे समय की योजना के तौर पर देख रहा है. मीडिया के गुमनाम ट्रोल्स को तो छोड़ ही दीजिए, एक पूर्व मुख्य चयनकर्ता ने उन्हें मुख्य कोच गौतम गंभीर का ‘यस-मैन’ तक कह दिया था. यानी यह इशारा कि हर्षित का चयन योग्यता के बजाय पक्षपात के आधार पर हुआ है
हर्षित राणा का नायाब तरीका
KKR के कप्तान ने यह भी बताया कि हर्षित आलोचनाओं से निपटने के लिए खुद को एक खास ‘ज़ोन’ में ले जाते हैं. वह अपना पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर लगाते हैं और यहां तक कि अभ्यास के दौरान भी हर्षित बाहरी शोर से खुद को अलग रखना पसंद करते हैं. शुरुआत में उनके KKR साथी समझ नहीं पा रहे थे कि वह प्रैक्टिस के दौरान क्या कर रहे हैं, लेकिन बाद में उन्हें समझ आया कि यही उनकी तैयारी का तरीका है. मैंने उन्हें अभ्यास सत्रों के दौरान गेंदबाज़ी करते समय एयरपॉड्स लगाए हुए देखा है, सिर्फ शोर से खुद को अलग रखने के लिए. हम सब सोचते थे कि वह क्या कर रहे हैं, एयरपॉड्स क्यों पहन रहे हैं. बाद में हमें पता चला कि वह बस शोर को काटना चाहते हैं. जब वह गेंदबाज़ी करते हैं, तो वह सिर्फ ज़ोन में रहना चाहते हैं और उसी तीव्रता और मानसिकता के साथ गेंदबाज़ी करना चाहते हैं.
हर्षित राणा कैसे ‘शोर से खुद को अलग’ रखते हैं
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) में हर्षित के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने खुलासा किया है कि यह तेज़ गेंदबाज़ आलोचकों की बातों से परेशान नहीं होता. रहाणे को लगा था कि 24 वर्षीय हर्षित दबाव में होंगे, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट थी. हर्षित ने रहाणे से कहा कि आलोचनाएं उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती हैं. देखिए, हमने पिछले साल आईपीएल के दौरान सोशल मीडिया को लेकर बात की थी. कुछ मैचों में वह अच्छा नहीं कर पाए थे और मैंने देखा कि वह थोड़े नर्वस और उदास थे. वह चीज़ उन्हें परेशान कर रही थी. उन्होंने मुझसे कहा, जब मैं कमेंट्स पढ़ता हूं, लोग मेरे बारे में जो लिखते हैं, वे नहीं जानते कि मैंने अपनी गेंदबाज़ी के लिए कितनी मेहनत की है. वही बातें मुझे टीम के लिए अच्छा करने की प्रेरणा देती हैं. मैंने उनसे पूछा, ‘क्या तुम इन सब चीज़ों से ठीक हो?’ उन्होंने कहा, ‘हां, मैं सारे कमेंट्स पढ़ने में ठीक हूं.