22 या 23 जनवरी? कब है बसंत पंचमी, उज्जैन के मशहूर ज्योतिषी ने दूर किया भ्रम

22 या 23 जनवरी? कब है बसंत पंचमी, उज्जैन के मशहूर ज्योतिषी ने दूर किया भ्रम


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Basant Panchami 2026: ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज ने कहा कि हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 23 जनवरी को अर्धरात्रि 02 बजकर 28 मिनट पर शुरू होगी. इसका समापन अगले दिन यानी 24 जनवरी को अर्धरात्रि 01 बजकर 46 मिनट पर होगा.

उज्जैन. हिंदू धर्म में हर तिथि और हर वार का अलग धार्मिक महत्व है. इसी प्रकार माघ महीने का भी अत्यधिक महत्व है. माघ महीने की शुरुआत हो चुकी है. माघ मास में कई बड़े पर्व मनाए जाते हैं. इन्हीं में से एक बसंत पंचमी का त्योहार भी है. बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा-आराधना की जाती है. माता सरस्वती को विद्या की देवी के रूप में पूजा जाता है. माना जाता है कि बसंत पंचमी के दिन ही ज्ञान की देवी माता सरस्वती प्रकट हुई थीं. हर साल बसंत पंचमी माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है. इस बार तिथि को लेकर लोगों में भ्रम बना हुआ है कि किस दिन ज्ञान की देवी सरस्वती माता की पूजा की जाए. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज ने यह भ्रम दूर किया है. आइए जानते हैं, बसंत पंचमी कब मनाई जाएगी.

ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज ने लोकल 18 से कहा कि हिंदू पंचांग के अनुसार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 23 जनवरी 2026 को अर्धरात्रि 02 बजकर 28 मिनट पर शुरू होगी. वहीं इसका समापन 24 जनवरी को अर्धरात्रि 01 बजकर 46 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा. पूजा के शुभ मुहूर्त की बात करें, तो पूजा का शुभ समय सुबह 07:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक रहेगा.

विद्यार्थियों के लिए खास दिन
ऐसी मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी के मुख से देवी सरस्वती प्रकट हुई थीं, इसलिए इस पर्व को शिक्षा शुरू करने या ‘अक्षर अभ्यास’ करने के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है. इस दिन छात्र अपनी पुस्तकों की पूजा करते हैं ताकि उन्हें बुद्धि और विद्या का आशीर्वाद मिल सके.

बसंत पंचमी पर होती हैं मां सरस्वती की पूजा
ज्योतिषी अमर डबावाला ने बताया कि ज्ञान की देवी मां सरस्वती माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ही ब्रह्माजी के मुख से प्रकट हुई थीं, इसलिए बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा की जाती है. सरस्वती मां को ज्ञान की देवी कहा जाता है. इस दिन पूरे विधि-विधान से मां सरस्वती की पूजा करने से वह प्रसन्न होती हैं. मां सरस्वती का विधिपूर्वक स्मरण और पूजन करने से भक्त को बुद्धि और विद्या का वरदान मिलता है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



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