वैभव सूर्यवंशी दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके, बड़ी टीमों के खिलाफ कमजोरी उजागर

वैभव सूर्यवंशी दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके, बड़ी टीमों के खिलाफ कमजोरी उजागर


नई दिल्ली.  अंडर-19 वर्ल्ड कप की तैयारियों के बीच भारतीय खेमे के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है. टीम के युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से टूर्नामेंट में बड़ी उम्मीदें लगाई जा रही हैं.लेकिन वैभव इंग्लैंड अंडर 19 टीम के खिलाफ अभ्यास मैच में पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए. इस अभ्यास मैच का उद्देश्य खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुकूल ढालना और लय हासिल करना था, लेकिन वैभव की पारी शुरू होने से पहले ही खत्म हो गई. उनकी इस विफलता ने वर्ल्ड कप के मुख्य मुकाबलों से पहले कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

इंग्लैंड के खिलाफ जब भारतीय टीम को एक मजबूत और आक्रामक शुरुआत की जरूरत थी, तब वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) क्रीज पर केवल 4 गेंदों के मेहमान साबित हुए. उन्होंने अपनी संक्षिप्त पारी में मात्र 1 रन बनाया. इससे भी अधिक चौंकाने वाला उनका खेलने का तरीका रहा. वैभव गेंद को भांपने में पूरी तरह नाकाम दिखे और इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की स्विंग के सामने असहाय नजर आए.अभ्यास मैच अक्सर आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए होते हैं, लेकिन महज एक रन पर आउट होकर वैभव ने खुद को दबाव में डाल लिया है.

वैभव सूर्यवंशी इंग्लैंड के खिलाफ महज एक रन बनाकर आउट हुए.

25 का स्ट्राइक रेट: तकनीकी खामी या मानसिक दबाव?
इस पारी का सबसे चिंताजनक पहलू रहा वैभव का 25 का स्ट्राइक रेट. हालांकि 4 गेंदों में स्ट्राइक रेट का आकलन करना जल्दबाजी लग सकता है, लेकिन यह दर्शाता है कि वैभव क्रीज पर सहज नहीं थे. इंग्लैंड के गेंदबाजों ने उन्हें शरीर की लाइन पर गेंदबाजी की, जिससे वे हाथ खोलने का मौका नहीं पा सके. वैभव की तकनीक में ‘स्टेटिक फुटवर्क’ (पैरों का न हिलना) की समस्या साफ दिखी. बड़ी टीमों के खिलाफ, जहां गेंद हवा में अधिक देर तक तैरती है, वहां वैभव का रक्षात्मक शॉट खेलना उन्हें भारी पड़ रहा है. यदि वे स्ट्राइक रोटेट नहीं कर पाते हैं, तो वह दबाव खुद पर हावी होने देते हैं, जिसका फायदा विपक्षी टीम के गेंदबाज बखूबी उठा रहे हैं.

क्या वर्ल्ड कप की प्लेइंग इलेवन पर पड़ेगा असर?
विश्व कप जैसे बड़े मंच पर निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण होती है. वैभव सूर्यवंशी ने घरेलू सत्र में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन विदेशी पिचों पर और इंग्लैंड जैसी बड़ी टीमों के सामने उनके आंकड़े उत्साहजनक नहीं रहे हैं. अभ्यास मैच में इस तरह की विफलता के बाद टीम मैनेजमेंट के लिए सलामी जोड़ी का चयन एक सिरदर्द बन सकता है. यदि वैभव आने वाले सत्रों में अपनी तकनीक और एकाग्रता पर काम नहीं करते हैं, तो भारत को पावरप्ले में बड़े रनों की कमी खल सकती है.

इंग्लैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में वैभव सूर्यवंशी का व्यक्तिगत स्कोर क्या रहा?
वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ मात्र 1 रन बनाया और इसके लिए उन्होंने 4 गेंदों का सामना किया.

वैभव सूर्यवंशी के इस खराब प्रदर्शन की सबसे बड़ी वजह क्या मानी जा रही है?
विशेषज्ञों के अनुसार, स्विंग गेंदबाजी के खिलाफ खराब फुटवर्क और बड़ी टीम के खिलाफ शुरुआती दबाव को हैंडल न कर पाना उनकी विफलता की मुख्य वजह रही.

क्या अभ्यास मैच के प्रदर्शन को वर्ल्ड कप के लिए पैमाना माना जा सकता है?
हां, क्योंकि अभ्यास मैच पिच की स्थिति और विपक्षी गेंदबाजों की रणनीति को समझने का आखिरी मौका होता है. यहां की असफलता मुख्य टूर्नामेंट में आत्मविश्वास को प्रभावित करती है.

वैभव सूर्यवंशी को अपनी बल्लेबाजी में किस सुधार की सख्त जरूरत है?
उन्हें अपनी तकनीक (Technique) में सुधार करने और इंग्लैंड जैसे आक्रमण के खिलाफ गेंद को देर से खेलने की आदत डालनी होगी ताकि वे स्विंग से बच सकें.



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