ग्वालियर हाईकोर्ट में कोर्ट फीस घोटाले की जांच शुरू: ऑनलाइन सिस्टम में सेंध का शक; 2020 से फीस में गड़बड़ी की याचिकाओं की पड़ताल हो रही – Gwalior News

ग्वालियर हाईकोर्ट में कोर्ट फीस घोटाले की जांच शुरू:  ऑनलाइन सिस्टम में सेंध का शक; 2020 से फीस में गड़बड़ी की याचिकाओं की पड़ताल हो रही – Gwalior News



मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में कोर्ट फीस घोटाले की शिकायत के बाद याचिकाओं की जांच शुरू कर दी गई है। जांच उन याचिकाओं की हो रही है, जिनमें कोर्ट फीस जमा नहीं हुई, लेकिन याचिका के साथ फीस की रसीद अटैच है।

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यह घोटाला हाईकोर्ट में 2020 में शुरू हुई ऑनलाइन फीस जमा करने की व्यवस्था से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ अधिवक्ताओं के मुंशियों ने इस व्यवस्था का दुरुपयोग किया। उन्होंने अधिवक्ताओं के कार्यालय से मिली फीस की राशि जमा नहीं की, बल्कि प्रोविजनल नंबर जनरेट कर याचिकाएं दायर कर दीं।

इस पूरे मामले की जांच एक विशेषज्ञ दल की ओर से की जा रही है। हालांकि, हाईकोर्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि 2020 से 2025 के बीच कितनी कोर्ट फीस में गड़बड़ी हुई। पिछले पांच सालों में ऐसी कई याचिकाएं भी सामने आई हैं, जिनका निपटारा हो चुका है, लेकिन उनमें भी फीस जमा नहीं की गई थी।

हाईकोर्ट में कोर्ट फीस जमा करने की दो व्यवस्थाएं

  • पहली व्यवस्था: यदि किसी अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, तो याचिका नंबर जनरेट होने के बाद कोर्ट फीस जमा की जाती है। इस तरीके से जमा की गई फीस संबंधित याचिका में दिखाई देती है और राशि साइबर ट्रेजरी में पहुंचती है। फीस जमा करने का भुगतान हाईकोर्ट की वेबसाइट के माध्यम से होता है।
  • दूसरी व्यवस्था: यदि कोई वकील पूरी पिटीशन तैयार कर हाईकोर्ट में पेश करता है, तो इसके लिए प्रोविजनल नंबर जनरेट होता है। फीस जमा होने के बाद प्रोविजनल नंबर से पेमेंट आईडी बन जाता है। इस व्यवस्था में याचिकाओं की फीस में गड़बड़ी हुई, क्योंकि राशि साइबर ट्रेजरी में जमा नहीं हुई।

फीस घोटाले को लेकर उठ रहे सवाल

घोटाले में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं कि किस वकील के ऑफिस से कितनी फीस जमा नहीं हुई और जिम्मेदारी किसे दी जाए। हालांकि, याचिका दायर करने में वकील की आईडी का उपयोग हुआ।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन पाठक ने कहा कि कोर्ट फीस का घोटाला लंबे समय से चल रहा था। इसमें कई नाम सामने आएंगे। जिन्होंने भी भ्रष्टाचार किया है, उनके खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए और उन्हें जेल जाना चाहिए।



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